उत्तर प्रदेश में 11,508 सहायक अध्यापक पदों पर चल रही भर्ती में शिक्षामित्र को लेकर तस्वीर बदलती नजर आ रही है. भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद शिक्षामित्रों को एक्सपीरियंस के आधार पर वेटेज दिए जाने का उल्लेख नहीं था. अब बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश की जानकारी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजे जाने के बाद दोबारा विचार शुरू हो गया है. आयोग ने मामले पर फैसला लेने के लिए चार सदस्यीय कमेटी भी गठित की है. यह मामला इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र इस भर्ती से जुड़े हुए हैं. मौजूदा भर्ती विज्ञापन में शिक्षामित्रों को अधिकतम 60 वर्ष की उम्र तक आवेदन के लिए पात्र माना गया है. लेकिन उनके एक्सपीरियंस के आधार पर मिलने वाले वेटेज का प्रावधान स्पष्ट नहीं है.

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश की दी गई जानकारी 

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव मनोज कुमार को पत्र भेजकर 18 नवंबर 2020 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी गई है. राम शरण मौर्य मामले में शीर्ष अदालत ने शिक्षामित्रों को आगे की शिक्षक चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने की बात कही थी. हालांकि इस अवसर को किस तरीके से और किस व्यवस्था के तहत दिया जाना है, इसे लेकर राज्य सरकार को व्यवस्था करने का अधिकार दिया गया था. अब परिषद की ओर से आदेश की जानकारी मिलने के बाद आयोग की चार सदस्यीय कमेटी इस पूरे मामले को देख रही है. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे फैसला लिया जा सकता है. 

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पहले भी मिल चुका है एक्सपीरियंस वेटेज 

शिक्षामित्रों को इससे पहले 68,500 और 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में उनके अनुभव के आधार पर वेटेज दिया गया था. जानकारी के अनुसार उस समय प्रतिवर्ष 2.5 अंक के हिसाब से वेटेज का प्रावधान था और इसकी अधिकतम सीमा 25 अंक रखी गई थी. इसी व्यवस्था को देखते हुए इस भर्ती में भी शिक्षामित्र को अनुभव के आधार पर वेटेज दिए जाने की उम्मीद है. हालांकि यह तय नहीं हुआ है कि मौजूदा भर्ती में कितने अंक या किस फॉर्मूले के तहत वेटेज मिलेगा. 

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भर्ती विज्ञापन में नहीं था वेटेज का जिक्र 

11,508 पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद शिक्षामित्रों के बीच भर्ती को लेकर सवाल उठे थे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद वेटेज का उल्लेख क्यों नहीं किया गया. रिपोर्ट के अनुसार भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद ही बेसिक शिक्षा विभाग में आयोग को पुराने आदेश की जानकारी भेजी है. इससे पहले जारी विज्ञापन में शिक्षामित्रों के लिए 60 वर्ष तक आवेदन की पात्रता का प्रावधान जरूरी था, लेकिन अनुभव के लिए अलग वेटेज का उल्लेख नहीं था. 

विशेष टीईटी को लेकर भी मांग 

शिक्षामित्र लंबे समय से विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर देने की मांग भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि पात्रता परीक्षा पास करने के बाद शिक्षक भर्ती में अनुभव का लाभ उनके लिए जरूरी होगा. अब भारांक को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया के साथ इस मांग को लेकर भी शिक्षामित्रों की उम्मीद बढ़ गई है. 

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