परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के लिए छात्र सालभर मेहनत करते हैं, लेकिन सोचिए अगर एग्जाम के प्रश्नपत्र में सवाल के साथ उसका जवाब भी छपा मिले तो क्या होगा? कुछ ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला केरल की एक यूनिवर्सिटी में सामने आया है. यहां बीएससी (सांख्यिकी) द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान छात्रों को ऐसा प्रश्नपत्र मिला, जिसमें एक सवाल के साथ उसका उत्तर भी पहले से छपा हुआ था. मामला सामने आते ही परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे और विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी.

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रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना सोमवार को आयोजित बीएससी सांख्यिकी (सेकंड सेमेस्टर) की परीक्षा के दौरान हुई. परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद छात्रों और परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों की नजर प्रश्नपत्र की एक गंभीर गलती पर पड़ी. एक प्रश्न के ठीक नीचे उसी का उत्तर भी छपा हुआ था. इसे देखकर छात्र भी हैरान रह गए, क्योंकि जिस सवाल का जवाब उन्हें लिखना था, वह पहले से ही प्रश्नपत्र में मौजूद था.

यूनिवर्सिटी ने शुरू की जांच

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मामले की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया. अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही संबंधित बोर्ड ऑफ स्टडीज के अध्यक्ष से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. प्रशासन यह जानना चाहता है कि प्रश्नपत्र तैयार करने और छापने की प्रक्रिया के दौरान इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई.

परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र को अंतिम रूप देने से पहले कई स्तर पर उसकी जांच की जाती है. ऐसे में सवाल के साथ उत्तर का छप जाना पूरी प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही माना जा रहा है. इस तरह की गलती न केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी असर डालती है.

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रिजल्ट पर क्या होगा असर?

फिलहाल विश्वविद्यालय ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस गलती का परीक्षा परिणाम पर क्या प्रभाव पड़ेगा. यह भी तय नहीं हुआ है कि संबंधित प्रश्न को रद्द किया जाएगा या फिर सभी छात्रों को उसके पूरे अंक दिए जाएंगे. इस पर अंतिम फैसला जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा.

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी चर्चा

इस घटना के बाद छात्रों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई छात्रों ने इसे परीक्षा प्रबंधन की गंभीर लापरवाही बताया, जबकि कुछ का कहना है कि इससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है. सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रश्नपत्र कई स्तर की जांच के बाद जारी किया जाता है, तब इतनी बड़ी गलती आखिर कैसे रह गई. यह भी पढ़ें- IIT बॉम्बे CSE कटऑफ 2026 किस रैंक पर मिलेगा एडमिशन, यहां पढ़ें पूरी डिटेल


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