उत्तर प्रदेश में अब कॉलेज और यूनिवर्सिटी की पढ़ाई का माहौल बदलने जा रहा है. स्कूल खत्म होने के बाद जिस आजादी का इंतजार छात्र करते थे, उसमें अब बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. राज्यपाल और प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटीज की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यूनिफॉर्म सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं. अब तक कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में यूनिफॉर्म पहनना जरूरी नहीं था, लेकिन नए आदेश के बाद छात्रों को तय ड्रेस में ही संस्थानों में आना पड़ सकता है.

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राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया. उनका कहना है कि स्कूलों की तरह कॉलेजों में भी यूनिफॉर्म लागू होने से छात्रों के बीच सामाजिक और आर्थिक भेदभाव कम होगा. कई बार कपड़ों और लाइफस्टाइल की वजह से छात्र खुद को दूसरों से अलग महसूस करते हैं, लेकिन यूनिफॉर्म से सभी छात्रों में समानता का भाव आएगा और पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा. छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

बैठक में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सिर्फ यूनिफॉर्म पर ही नहीं, बल्कि छात्रों खासकर छात्राओं को रोजगार के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया. उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को रोजगार आधारित नए कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए.

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उन्होंने कहा कि छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ब्यूटीशियन ट्रेनिंग, मेहंदी डिजाइन, GST, अकाउंटेंसी, बिंदी निर्माण और मिलेट्स से खाद्य सामग्री बनाने जैसे कोर्स शुरू किए जाएं. उनका मानना है कि ऐसे कोर्स छात्राओं को पढ़ाई के साथ रोजगार और खुद का काम शुरू करने में मदद करेंगे.

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डिग्री के साथ हुनर भी जरूरी

राज्यपाल ने यह भी कहा कि जिन यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में अच्छे कार्यक्रम पहले से चल रहे हैं, उन्हें दूसरे संस्थानों में भी लागू किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इसका फायदा मिल सके. उन्होंने साफ कहा कि आज के समय में सिर्फ डिग्री काफी नहीं है. छात्रों के पास हुनर भी होना चाहिए ताकि वे पढ़ाई खत्म होने के बाद नौकरी या स्वरोजगार के लिए तैयार रहें.

छात्राओं की सुरक्षा पर खास ध्यान

महिला छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में खास चर्चा हुई. राज्यपाल ने महिला कॉलेजों और छात्रावासों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए. इसके लिए सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में ऐसी कमेटियां बनाने को कहा गया है जहां छात्र और छात्राएं अपनी समस्याएं खुलकर बता सकें और उनका जल्दी समाधान हो सके.

शिक्षकों को भी दिए गए निर्देश

बैठक में शिक्षकों को भी सख्त संदेश दिया गया. राज्यपाल ने कहा कि कोई भी शिक्षक ऐसा काम न करे जिससे शिक्षक पेशे की गरिमा को नुकसान पहुंचे. उन्होंने समय पर क्लास लगाने, छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और पढ़ाई के साथ उनके पूरे विकास पर ध्यान देने के निर्देश दिए.

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