नई दिल्ली: देशभर में गुरुवार को आयोजित किए गए नेट एग्जाम में दो छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण परीक्षा देने से रोक दिया गया. मामला दिल्ली और गोवा के एग्जाम सेंटर का है. इस बार नेट की परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की थी. परीक्षा देने से छात्राओं को रोके जाने के प्रश्न पर एनटीए के डायरेक्टर जनरल विनीत जोशी का कहना है कि एग्जाम में किसी प्रकार का ड्रेस कोड नहीं था और एजेंसी धर्म, विश्वास और जेंडर इशू पर संवेदनशील रवैया रखती है.

जिन छात्राओं को एग्जाम देने से रोका गया उनमें से एक का सेंटर दिल्ली के रोहिणी में था. छात्रा का नाम उमेय्या है और दिल्ली के ही जामिया मिलिया इस्लामिया में एमबीए की स्टूडेंट है. जब वह एग्जाम देने सेंटर पर आईं तो उनसे हिजाब उतारने के लिए कहा गया. इस पर छात्रा ने कहा कि उन्हें प्राइवेट जगह पर ले जाकर चेक कर लिया जाए और परीक्षा के दौरान उन्हें हिजाब पहनने की इजाजत दी जाए. इसके बाद वहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें एग्जाम हॉल में जाने से रोक दिया.

दूसरा मामला गोवा का है. वहां एक मनोविज्ञान विषय की पढ़ाई कर रही छात्रा सफीना खान सौदागर को भी एग्जाम देने से रोक दिया गया. सफीना ने भी हिजाब उतारने से मना कर दिया था. वह गोवा के सेंट जेवियर्स कॉलेज की स्टूडेंट है. दोनों ही मामलों पर परीक्षा का आयोजन करने वाली एजेंसी एनटीए का कहना है कि ड्रेस कोड के लिए एग्जाम में कोई नियम नहीं था.

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