2020 Bag Policy Implemented In MP: बच्चे हमारे भविष्य हैं और उन पर देश का कल निर्भर है, लेकिन आज वे झुके हुए हैं, क्योंकि उनके ऊपर स्कूल का भारी बस्ता लादा जा रहा है. आखिरकार बच्चों को स्कूल के भारी बस्ते से छुटकारा मिलने वाला है. मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूल बैग को लेकर 2019 में जारी दिशा निर्देशों को निरस्त कर दिया है और इसकी जगह पर स्कूल बैग पॉलिसी 2020 जारी की है. इसके अनुसार कक्षा अनुसार बैग का वजन तय किया गया है. इसमें पहली कक्षा के बच्चों के बैग का वजन 1.6 से 2.2 किग्रा और दसवी कक्षा के छात्रों के बैग का वजन 2.5 से 4.5 किग्रा तक रहेगा. वहीं, अब राज्य सरकार और एनसीआरटी के द्वारा तय बुक्स ही बस्ते में रखी जाएंगी. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार अब पहली से लेकर 10वीं तक के छात्र-छात्राओं के स्कूली बस्ते का भार उनके शारीरिक वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा.
स्कूल कक्षा दूसरी क्लास तक बच्चों को होमवर्क भी नहीं दिया जाएगा. जबकि कक्षा 3 से 5वीं तक के छात्रों को प्रति सप्ताह अधिकतम 2 घंटे, कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्रों को प्रतिदिन अधिकतम 1 घंटे और कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन अधिकतम 2 घंटे का ही होमवर्क दे सकेंगे.
जानें कितना होना चाहिए बस्ते का वजन पहली - 1.6-2.2 किग्रा तकदूसरी - 1.6-2.2 किग्रा तकतीसरी -1.7-2.5 किग्रा तकचौथी - 1.7-2.5 किग्रा तकपांचवी - 1.7-2.7 किग्रा तकछठवी - 2.0-3.0 किग्रा तकसातवीं - 2.0-3.0 किग्रा तकआठवीं - 2.5-4.0 किग्रा तकनौंवी - 2.5-4.5 किग्रा तकदसवीं - 2.5-4.5 किग्रा तक
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