SSC Recruitment 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है. साल 2026 में SSC और UPSC दोनों की भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं. इन बदलावों मकसद चयन प्रक्रिया को ज्यादा साफ-सुथरी, पारदर्शी और तेज बनाना है, जिससे भर्ती में लगने वाला समय काफी घटे और अभ्यर्थियों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े.
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि विभिन्न सुधार उपायों के चलते कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं का भर्ती चक्र अब 15-18 महीने से घटकर 6-10 महीने रह गया है. इसके पीछे मुख्य वजह पेन-पेपर आधारित परीक्षाओं से पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में बदलाव, परीक्षा के चरणों की संख्या घटाना और परीक्षा नोटिस अवधि को करीब 45 दिन से घटाकर लगभग 21 दिन करना है.
गड़बड़ी रोकने के लिए ई-डोजियर सिस्टम
इसके अलावा, उम्मीदवारों के दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और उनमें किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए एक ऑनलाइन केंद्रीकृत ई-डोजियर सिस्टम शुरू किया गया है. यानी अब उम्मीदवारों के सभी जरूरी दस्तावेज एक ही ऑनलाइन डिजिटल फाइल में सुरक्षित रखे जाएंगे, जिससे दस्तावेजों की जांच आसान होगी और भर्ती प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज व पारदर्शी बनेगी. इसे CGL, CHSL और JE जैसी कई बड़ी परीक्षाओं में पहले ही लागू किया जा चुका है. भर्ती प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए अब डिस्क्रिप्टिव (लिखित) परीक्षा नहीं होगी. उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच संबंधित मंत्रालय और विभाग करेंगे. साथ ही, इंटरव्यू की प्रक्रिया भी खत्म कर दी गई है, ताकि भर्ती जल्द पूरी हो सके. यह मुद्दा हाल ही में संसद के मौजूदा सत्र में पेपर लीक पर हुई बहस के दौरान भी उठा, जहां मंत्री ने बताया कि केंद्र के अधीन चार प्रमुख भर्ती एजेंसियां UPSC, SSC, RRB और IBPS पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार सुधार कर रही हैं.
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SSC CGL में नया पेपर और वेरिफिकेशन
इसके अलावा SSC CGL 2026 की भर्ती में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं. इस बार असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर और असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर पदों के लिए टियर-टू परीक्षा में एक नया पेपर-3 जोड़ा गया है, जिसमें फाइनेंस और इकोनॉमिक्स से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. इसके अलावा इस साल की भर्ती में कुल लगभग 12,256 पद रखे गए हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या करीब 14,582 थी, यानी इस बार सीटों की संख्या में कुछ कमी देखी गई है. परीक्षा में नकल और फर्जी उम्मीदवारों को रोकने के लिए लाइव फोटो वेरिफिकेशन जैसी डिजिटल जांच भी शुरू की गई है, ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हो सके.
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