विश्वविद्यालय की परीक्षाएं आम तौर पर छात्रों के भविष्य को तय करती हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है. यहां एक विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षा की कॉपियों में छात्रों ने सवालों के जवाब लिखने के बजाय शायरी, गाने की लाइनें और यहां तक कि गालियां तक लिख दीं.

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यह मामला प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) स्टेट यूनिवर्सिटी, प्रयागराज का बताया जा रहा है. जब परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ और बड़ी संख्या में छात्र फेल हो गए, तब छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसी विरोध के बाद जब मामला सामने आया तो विश्वविद्यालय प्रशासन भी हैरान रह गया. यह भी पढ़ें -  RBSE Result 2026 Date: राजस्थान बोर्ड इस हफ्ते में जारी कर सकता है 10वीं-12वीं के नतीजे, जानें कहां कर सकेंगे चेक

कॉपियों में लिखी मिली शायरी और गालियां

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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि जब शिक्षकों ने कॉपियों का मूल्यांकन शुरू किया तो कई अजीब चीजें सामने आईं. उन्होंने कहा कि हजारों कॉपियों में छात्रों ने सवालों के सही जवाब देने की जगह फिल्मी गाने, शायरी और अपशब्द लिख दिए थे. कुछ छात्रों ने तो पूरे सवाल ही कॉपी में दोबारा लिख दिए, लेकिन उनका जवाब नहीं दिया. कुछ कॉपियों में यह भी लिखा मिला कि छात्र बीमार थे या उन्हें जवाब याद नहीं था, इसलिए उन्हें पास कर दिया जाए.

ऐसे छात्रों को मिले शून्य अंक

मूल्यांकन के दौरान जिन कॉपियों में जवाब के बजाय शायरी या गालियां लिखी मिलीं, उन छात्रों को शून्य अंक दिए गए. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परीक्षा एक गंभीर प्रक्रिया है और इसमें इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता. कुलपति ने यह भी बताया कि ऐसी कॉपियों को अलग करके उनकी सूची तैयार की गई है.

5 हजार छात्रों की कॉपियों में मिला ऐसा मामला

विश्वविद्यालय के अनुसार करीब 5 हजार छात्रों की कॉपियों में इस तरह की बातें लिखी मिली हैं. यही वजह है कि इतने बड़े पैमाने पर छात्र फेल हो गए. इसका असर विश्वविद्यालय के कुल परिणाम पर भी पड़ा है. पिछले साल जहां कुल परिणाम करीब 89 प्रतिशत था, वहीं इस बार यह घटकर 82 प्रतिशत के आसपास रह गया है.

रिजल्ट आने के बाद शुरू हुआ था हंगामा

सेमेस्टर परीक्षा का रिजल्ट जारी होते ही हजारों छात्र फेल हो गए. इसके बाद कई छात्र विश्वविद्यालय परिसर में जमा हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्रों का कहना था कि उनकी कॉपियां ठीक से जांची नहीं गईं और उन्हें गलत तरीके से फेल कर दिया गया है. छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जानकारी सार्वजनिक की. विश्वविद्यालय प्रशासन अब इस मामले को गंभीरता से ले रहा है. कुलपति के अनुसार जिन छात्रों ने कॉपियों में इस तरह की बातें लिखीं, उनके अभिभावकों को भी नोटिस भेजा जा सकता है.

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