राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने विभिन्न अहम भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन कर चुके लाखों अभ्यर्थियों को अपने ऑनलाइन आवेदन पत्रों में करेक्शन करने और अयोग्य होने पर अपना आवेदन वापस लेने का मौका दिया है. 

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अक्सर ऑनलाइन फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों से कुछ न कुछ गलतियां हो जाती हैं, जिसके कारण उन्हें परीक्षा से वंचित होने या डॉक्युमेंट वैरिफिकेशन के समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसे ध्यान में रखते हुए आयोग ने 18 जुलाई 2026 से 24 जुलाई 2026 तक स्पेशल करेक्शन विंडो ओपन कर दी है. 

किन परीक्षाओं के लिए मिली छूट?

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यह स्पेशल करेक्शन विंडो मुख्य रूप से तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं के लिए खोली गई है. 

  • सहायक अभियोजन अधिकारी (APO - प्रारंभिक) परीक्षा-2026
  • निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स (Inspector Factory and Boilers) परीक्षा-2025
  • निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा-2025

आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, सहायक अभियोजन अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा 2 सितंबर 2026 को होनी है. वहीं, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स और निरीक्षक कारखाना (केमिकल) के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा 19 सितंबर 2026 को आयोजित होगी. ऐसे में यह पहल कैंडिडेट्स के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है.

आवेदन में संशोधन की पूरी प्रक्रिया और नियम

आयोग ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार अपने आवेदन पत्र में सभी डिटेल्स चेंज नहीं कर सकेंगे. वन टाइम रजिस्ट्रेशन के समय दी जाने वाली डिटेल्स जैसे कैंडिडेट का नाम, पिता का नाम, पासपोर्ट साइज फोटो, जन्म तिथि और लिंग में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा. इनके अलावा कैंडिडेट्स अपनी अन्य सभी जानकारियों में जरूरी करेक्शन कर सकते हैं.

इसके लिए कैंडिडेट्स को 500 रुपये की फीस देनी होगी, जो किसी भी नजदीकी ई-मित्र कियोस्क या ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से जमा किया जा सकते हैं. प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और आसान बनाने के लिए कैंडिडेट्स को अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से लॉगिन करना होगा. इसके बाद रिक्रूटमेंट पोर्टल पर जाकर संबंधित परीक्षा के लिए एडिट ऑप्शन चुनना होगा. आयोग ने साफ कहा है कि ऑफलाइन आवेदन या संशोधन किसी भी कंडीशन में एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे. 

आवेदन वापस न लेने पर सख्त कानूनी कार्रवाई

करेक्शन के अलावा आरपीएससी ने इस बार बेहद सख्त कदम भी उठाया है. यह कदम उन कैंडिडेट्स को लेकर है, जो बिना एलिजिबिलिटी के ही फर्जी तरीके से फॉर्म भर देते हैं. आयोग ने ऐसे अयोग्य उम्मीदवारों को 18 से 24 जुलाई 2026 के बीच अपना आवेदन वापस लेने का मौका दिया है. अगर कोई ऐसा कैंडिडेट अपना आवेदन वापस नहीं लेता है तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा ऐसे फर्जी उम्मीदवारों को आरपीएससी की सभी आगामी भर्ती परीक्षाओं से एक वर्ष के लिए बैन भी किया जा सकता है.

अनुपस्थित रहने वालों का OTR होगा ब्लॉक

आयोग केवल अयोग्य उम्मीदवारों पर ही सख्ती नहीं बरत रहा है, बल्कि उन कैंडिडेट्स पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है, जो फॉर्म तो भर देते हैं, लेकिन परीक्षा देने नहीं जाते. आयोग का मानना है कि परीक्षा आयोजित करने में काफी प्रशासनिक संसाधन और सरकारी धन खर्च होता है. ऐसे में जो कैंडिडेट्स परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें निर्धारित अवधि में अपना आवेदन वापस ले लेना चाहिए. जो कैंडिडेट्स ऐसा नहीं करेंगे और बिना किसी कारण अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे. ऐसे नॉन-सीरियस कैंडिडेट्स की वन टाइम रजिस्ट्रेशन सुविधा हमेशा के लिए ब्लॉक की जा सकती है. 

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