बिहार पुलिस में इन दिनों महिला प्रतिनिधित्व एक बार फिर चर्चा में है. 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को DGP विनय कुमार की गैर मौजूदगी में बिहार की DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. प्रीता वर्मा को 15 सितंबर 2026 से 5 अक्टूबर 2026 तक DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. दरअसल विनय कुमार ने लंबी छुट्टी पर जाने का आवेदन दिया था, जिसके बाद सरकार ने यह निर्णय लिया. वहीं विनय कुमार के छुट्टी से लौटने के बाद यह अतिरिक्त जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी. प्रीता वर्मा डीजी होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवाएं बिहार की जिम्मेदारी संभाल रही है. प्रीता वर्मा को यह पद मिलने के साथ ही एक बार फिर राज्यों में महिला पुलिस कर्मियों की हिस्सेदारी की चर्चा होने लगी है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि देश के किस राज्य में सबसे ज्यादा महिला सिपाही हैं और उनकी संख्या कितनी है.

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इस राज्य में है सबसे ज्यादा महिला पुलिसकर्मी

बिहार में करीब 30,000 महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं. पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के 1 जनवरी 2020 तक राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस कर्मियों के आंकड़ों के अनुसार बिहार पुलिस बल में महिलाओं की हिस्सेदारी 25.30 फीसदी है. जो राज्यों में सबसे ज्यादा पाई गई. बिहार के बाद हिमाचल प्रदेश में 19.15 फीसदी और चंडीगढ़ में 18.78 फीसदी महिला पुलिसकर्मी है. वहीं लोकसभा में जारी किए गए एक दूसरे आंकडे़ के अनुसार देश में सबसे ज्यादा महिला पुलिसकर्मियों की संख्या उत्तरप्रदेश में हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि उत्तर प्रदेश में महिला पुलिस कर्मियों की सबसे ज्यादा संख्या जनसंख्या के अंतर की वजह से हो सकती है. वहीं बिहार में महिलाओं की पुलिस में भागीदारी बढ़ाने में आरक्षण की भी बड़ी अहम भूमिका रही है. नीतीश कुमार ने 2013 में पुलिस में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण लागू किया था. इसके बाद पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला था.

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देशभर में पुलिस बल में महिलाओं की स्थिति

इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2025 के अनुसार देशभर में करीब 2.4 लाख महिलाएं पुलिस बल में है. इनमें केवल 960 महिलाएं आईपीएस रैंक पर है, जबकि 24,322 महिलाएं गैर-आईपीएस अधिकारी पदों पर हैं. करीब 2.17 लाख महिलाएं कांस्टेबल स्तर पर कार्यरत है. रिपोर्ट के अनुसार पुलिस में काम करने वाली लगभग 90 फीसदी महिलाएं कांस्टेबुलरी में है. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने पुलिस में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़े अपने निर्धारित टारगेट को पूरा नहीं किया है. हालांकि करीब 78 फीसदी पुलिस थानों में अब महिला हेल्प डेस्क मौजूद हैं.

प्रीति वर्मा को मिल चुका है राष्ट्रपति पुलिस पदक

वहीं बिहार की कार्यकारी डीजीपी प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं. उनके पास तीन दशक से ज्यादा का पुलिस सेवा अनुभव है. 2009 में उन्हें पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था. इसके बाद 2023 में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस के लिए चुना गया था. प्रीता वर्मा ने पुलिस सेवा के दौरान कई पुलिस वरिष्ठ पदों पर काम किया. 2023 की आईपीएस सिविल लिस्ट में वह बिहार में डीजी के पद पर दर्ज थी. 2026 में उन्हें डीजी होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा की जिम्मेदारी दी गई और अब डीजीपी विनय कुमार की छुट्टी के दौरान उन्हें राज्य पुलिस प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

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