शिक्षा को हर बच्चे का अधिकार बनाने की दिशा में ओडिशा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की है कि राज्य में अब किंडरगार्टन (KG) से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) तक की पढ़ाई मुफ्त कराई जाएगी. सरकार का दावा है कि इस तरह की व्यापक और पूरी तरह मुफ्त शिक्षा व्यवस्था लागू करने वाला ओडिशा देश का पहला राज्य बनने जा रहा है.

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मुख्यमंत्री ने यह घोषणा अपनी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की. उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र की पढ़ाई सिर्फ पैसों की कमी की वजह से नहीं रुकनी चाहिए. हर बच्चे को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलना चाहिए और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है.

गरीब परिवारों के छात्रों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मिलेगा. कई बार प्रतिभाशाली छात्र सिर्फ फीस और पढ़ाई के खर्च की वजह से उच्च शिक्षा नहीं ले पाते. नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी. सरकार का मानना है कि मुफ्त शिक्षा से राज्य में पढ़ाई का स्तर बेहतर होगा और ज्यादा से ज्यादा युवा कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंच सकेंगे. इससे न केवल शिक्षा का दायरा बढ़ेगा बल्कि भविष्य में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

दो साल में शुरू की गईं 121 योजनाएं

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने 121 नई विकास और जनकल्याण योजनाएं शुरू की हैं. इनमें शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं शुरू करना नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर लोगों तक लाभ पहुंचाना है. मुफ्त शिक्षा योजना भी इसी सोच का हिस्सा है.

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अन्य राज्यों में भी मिल रही है मुफ्त शिक्षा की सुविधा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केरल सरकार ने जनवरी 2026 के बजट सत्र में सरकारी और सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों में स्नातक स्तर तक मुफ्त शिक्षा की घोषणा की. इससे पहले राज्य में कक्षा 12 तक की शिक्षा मुफ्त थी. तमिलनाडु में वर्ष 2007-08 से सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में बीए, बीएससी और बीकॉम पाठ्यक्रमों के लिए छात्रों को मुफ्त शिक्षा की सुविधा दी जा रही है.

इस योजना का लाभ लाखों छात्र उठा चुके हैं. महाराष्ट्र सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और ओबीसी श्रेणी की महिलाओं के लिए उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा में फीस माफ करने की योजना शुरू की है. यह सुविधा उन परिवारों को दी जा रही है जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है.

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