NMC MBBS Completion Period Rules 2026 : मेडिकल शिक्षा को लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने एक अहम प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत MBBS कोर्स पूरा करने की अधिकतम समय सीमा बढ़ाई जा सकती है. अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो छात्रों को MBBS और जरूरी इंटर्नशिप पूरी करने के लिए पहले से ज्यादा समय मिलेगा. फिलहाल MBBS में एडमिशन लेने वाले छात्रों को अपनी पढ़ाई और जरूरी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) सहित पूरा कोर्स 9 साल के अंदर खत्म करना होता है, लेकिन अब NMC ने इस अवधि को बढ़ाकर 10 साल करने का प्रस्ताव दिया है. यह बदलाव उन छात्रों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है जो किसी कारण तय समय के अंदर अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इसके नए ड्राफ्ट नियम क्या है
क्या है NMC का नया प्रस्ताव?
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने Graduate Medical Education Regulations (GMER), 2023 में संशोधन का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है. इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में MBBS कोर्स पूरा करने की अधिकतम अवधि को 9 साल से बढ़ाकर 10 साल करने की बात कही गई है.इस प्रस्ताव के अनुसार छात्र MBBS की पढ़ाई के साथ-साथ जरूरी Compulsory Rotating Medical Internship (CRMI) भी कुल 10 साल के अंदर पूरा कर सकेंगे.
इसके नए ड्राफ्ट नियम क्या है?
मौजूदा नियमों के तहत किसी भी छात्र को MBBS में एडमिशन लेने की तारीख से 9 सालों के भीतर पूरा कोर्स समाप्त करना जरूरी है. अगर कोई छात्र इस अवधि में कोर्स पूरा नहीं कर पाता है, तो उसे कई प्रशासनिक और शैक्षणिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. अब NMC का मानना है कि कुछ परिस्थितियों में छात्रों को अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए एक साल का अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव रखा गया है. हालांकि NMC ने कोर्स पूरा करने की समयसीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन फर्स्ट प्रोफेशनल MBBS परीक्षा से जुड़ा एक जरूरी नियम पहले जैसा ही रहेगा. मौजूदा व्यवस्था के अनुसार किसी छात्र को First Professional MBBS Examination पास करने के लिए अधिकतम चार अवसर (Attempts) ही मिलेंगे. NMC ने साफ किया है कि इस नियम में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया गया है.
किन छात्रों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
अगर यह संशोधन लागू होता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, पारिवारिक परिस्थितियों, व्यक्तिगत कारणों या अन्य शैक्षणिक चुनौतियों के कारण पढ़ाई में रुकावट का सामना करना पड़ा है. अतिरिक्त एक साल मिलने से ऐसे छात्रों पर समय का दबाव कम होगा और वे बिना जल्दबाजी के अपनी मेडिकल शिक्षा पूरी कर सकेंगे. साथ ही NMC के प्रस्ताव के अनुसार MBBS की पढ़ाई के साथ Compulsory Rotating Medical Internship (CRMI) भी इसी समय सीमा के अंदर पूरी करनी होगी.
इसका आखिरी फैसला क्या है?
अभी यह सिर्फ एक ड्राफ्ट प्रस्ताव है. NMC ने इस पर छात्रों, मेडिकल कॉलेजों, शिक्षकों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. पब्लिक कंस्लटेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग सभी सुझावों की समीक्षा करेगा और उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा. मेडिकल शिक्षा देश के सबसे मुश्किल और लंबे कोर्सो में से एक मानी जाती है. कई बार छात्रों को व्यक्तिगत, आर्थिक या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से पढ़ाई में ब्रेक लेना पड़ जाता है. ऐसे मामलों में तय समय सीमा के अंदर कोर्स पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि एक अतिरिक्त साल मिलने से छात्रों को बेहतर अवसर मिलेगा और छात्र बिना दबाव के अपनी मेडिकल शिक्षा पूरी कर सकेंगे.
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