इस साल देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा काफी चर्चा में है. वजह है पेपर लीक और उसके बाद अब री-एग्जाम. री-एग्जाम को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और टेलीग्राम को अस्थाई रूप से जब तक परीक्षा नहीं हो जाती बैन कर दिया है. लेकिन इसी बीच कुछ दर्दनाक घटनाएं भी सामने आई हैं. जिनमें नीट एग्जाम देने वाले कैंडिडेट्स ने आत्महत्या की है. जिससे सबकी चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई हैं. आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स...

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दरअसल, नीट एग्जाम की लाखों छात्र लंबे समय से तैयारी कर रहे थे और उन्हें अपने परिणाम का इंतजार था. लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा तैयारी करनी पड़ी. इसी बीच एक रिपोर्ट ने सभी की चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में अब तक NEET से जुड़े कम से कम 14 छात्र आत्महत्या के मामले सामने आए हैं. इनमें से 5 मामले परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद दर्ज किए गए बताए गए हैं.

NEET परीक्षा रद्द होने के बाद क्यों बढ़ी चिंता?

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NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है. हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में शामिल होते हैं.इस बार भी करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी. परीक्षा के बाद कई छात्रों को उम्मीद थी कि उन्हें अच्छे अंक मिलेंगे और उनका मेडिकल कॉलेज में दाखिला हो जाएगा.

लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया. इस फैसले ने लाखों छात्रों को फिर से तैयारी करने के लिए मजबूर कर दिया. कई छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि इससे मानसिक दबाव और तनाव काफी बढ़ गया.

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रिपोर्ट में क्या सामने आया?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2021 से लेकर वर्ष 2026 के बीच NEET से जुड़े कम से कम 93 छात्र आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं. रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 में ऐसे मामलों की संख्या सबसे ज्यादा रही, जब कम से कम 32 छात्रों ने अपनी जान गंवाई.

वहीं, साल 2026 में अब तक 14 मामले सामने आने का दावा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 5 मामले 12 मई 2026 को परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद दर्ज किए गए.हालांकि ये आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं. इन्हें आधिकारिक सरकारी आंकड़े नहीं माना गया है.

कहां-कहां से सामने आए मामले?

रिपोर्ट्स के अनुसार NEET 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देश के अलग-अलग राज्यों से कई छात्रों की मौत के मामले सामने आए. 14 मई को गोवा, 15 मई को उत्तर प्रदेश और दिल्ली, 16 मई को राजस्थान तथा 24 मई को कर्नाटक से ऐसे मामले रिपोर्ट किए गए. इसके बाद जून में भी कई घटनाएं सामने आईं. 4 जून को राजस्थान के दौसा निवासी अजीत मीणा की मौत की खबर आई.

जबकि 13 जून को दिल्ली के पालम इलाके में रहने वाली 17 वर्षीय रेनू की मौत का मामला सामने आया था. रेनू के परिवार का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद वह काफी तनाव में थी. वहीं 15 जून को राजस्थान के सीकर और 16 जून को उत्तराखंड के देहरादून से भी NEET अभ्यर्थियों की मौत की खबर सामने आई.

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