NEET Study Tips: 16 जुलाई को नीट का रिजल्ट जारी होने के बाद अब देश के लाखों छात्र काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं. काउंसलिंग शुरू होने के साथ ही नीट क्वालीफाई करने वाले छात्रों को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए अपनी पसंद का कॉलेज चुनने का मौका मिलेगा. ऐसे ही हर साल नीट की परीक्षा के तहत लाखों छात्र एमबीबीएस, बीडीएस और दूसरे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए शामिल होते हैं.‌ नीट क्लियर करने के लिए स्टूडेंट पढ़ाई में दिन-रात एक कर देते हैं.

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नीट में सफलता किसी एक विषय पर निर्भर नहीं करती, बल्कि फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी तीनों में मिले कुछ अंकों के आधार पर रैंक तय होती है. हालांकि इन तीनों ही सब्जेक्ट में भी अलग-अलग मेहनत की जरूरत होती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं की फिजिक्स, केमिस्ट्री या बायोलॉजी किस सब्जेक्ट में ज्यादा मेहनत करने से नीट में अच्छी रैंक मिलती है. 

बायोलॉजी का सबसे ज्यादा वेटेज 

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नीट परीक्षा कुल 720 अंकों की होती है. इसमें फिजिक्स और केमिस्ट्री के 45-45 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें कुल 180-180 अंक होते हैं. वहीं बॉटनी और जूलॉजी को मिलाकर बायोलॉजी में 90 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनके लिए 360 अंक निर्धारित है. यानी पूरे पेपर का आधा हिस्सा केवल बायोलॉजी का होता है. यही वजह है कि इस विषय में अच्छा स्कोर उम्मीदवारों की रैंक पर बड़ा असर डालता है. 

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क्या सिर्फ एक विषय तय करता है रैंक? 

एक्सपर्ट्स के अनुसार, नीट की रैंक किसी एक विषय से तय नहीं होती. अंतिम रैंक तीनों विषयों में मिले कुल अंकों के आधार पर तैयार की जाती है. हालांकि, अगर दो उम्मीदवार के कुल अंक समान हों तो टाइ ब्रेकिंग में सबसे पहले बायोलॉजी के अंक देखे जाते हैं. इसके बाद केमिस्ट्री और फिजिक्स के अंक को प्राथमिकता दी जाती है. अगर इसके बाद भी बराबरी बनी रहती है, तो कम गलत उत्तर देने वाले उम्मीदवार को वरीयता मिलती है. 

फिजिक्स भी बन सकता है गेम चेंजर 

हालांकि, बायोलॉजी का वेटेज सबसे ज्यादा है, लेकिन फिजिक्स को परीक्षा का सबसे कठिन स्तर माना जाता है. इस विषय में कॉन्सेप्ट, न्यूमेरिकल और समय प्रबंधन की अच्छी समझ जरूरी होती है. कई छात्रों के लिए यही सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा साबित होता है. ऐसे में जो व्यक्ति फिजिक्स में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, उन्हें रैंकिंग में बड़ा फायदा मिल सकता है. कई पूर्व नीट टॉपर्स का भी कहना है कि उनकी सफलता में फिजिक्स की सबसे बड़ी भूमिका रही. उनके अनुसार आने वाले वर्षों में अगर प्रश्न पत्र का स्तर कठिन रहता है, तो फिजिक्स पर मजबूत पकड़ छात्रों को बेहतर रैंक और पसंदीदा मेडिकल कॉलेज दिलाने में मदद कर सकती है. 

केमिस्ट्री भी मजबूत स्कोर का आधार 

केमिस्ट्री को नीट का संतुलित और अपेक्षाकृत स्कोरिंग विषय माना जाता है. इसमें फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमेस्ट्री से पूछे जाते हैं. नियमित अभ्यास और अवधारणाओं की अच्छी समझ रखने वाले छात्र इस विषय में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि केमिस्ट्री पूरे स्कोर को स्थिर बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाती है.

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