Eight new medical diploma courses start 2020: सेंट्रल गवर्नमेंट ने चिकित्सा (मेडिकल) क्षेत्र में मेडिकल स्पेशलिट की भारी कमी को देखते हुए मेडिकल के 8 नए डिप्लोमा कोर्सों को शुरू करने की मंजूरी दे दी है. मेडिकल के इन 8 नए डिप्लोमा कोर्सों को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई)  से भी मंजूरी मिल गयी है. आपको यहां यह भी बता दें कि सेंट्रल गवर्नमेंट ने मेडिकल के इन 8 डिप्लोमा कोर्सों को मंजूरी शासी बोर्ड के दिए गए परामर्श के आधार पर दिया है. इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय कुछ दिन पहले ही नोटिफिकेशन जारी कर चुका है.

येहैंमेडिकलके 8 नएडिप्लोमाकोर्स-

इन कोर्सों में एनेस्थीसियोलॉजी, ओब्सटेरिक्स और गायनेकोलॉजी, पीडिएट्रिक्स, फैमिली मेडिसिन, ऑप्थैलमोलॉजी, ईएनटी, रेडियो डायग्नॉसिस और टीबी एंड चेस्ट रोग से सम्बंधित डिप्लोमा कोर्स शामिल किए गए हैं.

थोड़ीजानकारीइनडिप्लोमाकोर्सोंकी-.

  1. एनेस्थीसियोलॉजी- इस मेडिकल कोर्स का इस्तेमाल पेशेंट के किसी अंग को सुन्न करने या पेशेंट को बेहोस करने के लिए किया जाता है. इस कोर्स को करने वाले को एनेस्थेटिस्ट कहा जाता है.
  2. ओब्सटेरिक्सऔरगायनेकोलॉजी- यह प्रसूति एवं स्त्री रोग से सम्बंधित कोर्स होता है. इस कोर्स के जरिए प्रसूति एवं स्त्री रोग स्पेशलिस्ट को महिला प्रजनन अंगों के स्वास्थ्य की देखभाल और गर्भावस्था के प्रबंधन में निपुण बनाया जाता है.
  3. पीडिएट्रिक्स- इसे बाल रोग विज्ञान भी कहा जाता है. इस मेडिकल कोर्स से शिशुओं, बालों और किशोरों के रोगों की पहचान और उनका ट्रीटमेंट किया जाता है.
  4. ऑप्थैलमोलॉजी- इस मेडिकल कोर्स से आँखों से सम्बंधित रोगों की पहचान की जाती है और उनका ट्रीटमेंट किया जाता है.
  5. ईएनटी- इस कोर्स से आई, नोज और थ्रोट से सम्बंधित रोगों की पहचान और उनका ट्रीटमेंट किया जाता है.
  6. रेडियोडायग्नॉसिस- इसके अंतर्गत एमआरआई, एक्स-रे, सीटी स्कैन, मशीनों के साथ ही साथ एलर्जी से सम्बंधित जानकारी प्रदान की जाती है.
  7. टीबीएंडचेस्टरोग- इस कोर्स से ट्यूबरक्लोसिस और चेस्ट से सम्बंधित रोगों और उनके ट्रीटमेंट की जानकारी प्रदान की जाती है.

कौनकरसकताहैइनडिप्लोमाकोर्सोंको?- आपकी जानकारी के बता दें कि ये डिप्लोमा कोर्स एमबीबीएस या इसके समकक्ष की डिग्री के बाद ही किए जा सकते हैं.


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