मध्य प्रदेश में अब शिक्षक पात्रता परीक्षा ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन मोड में भी आयोजित की जाएगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षक दिवस के मौके पर भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान इसकी घोषणा की थी. सरकार का कहना है कि इस फैसले से उम्मीदवारों को परीक्षा देने के लिए अतिरिक्त ऑप्शन मिलेगा और शिक्षकों की समस्याओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में भी सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर किया है, जिसमें सीएम मोहन यादव ने टीईटी को दोनों माध्यमों से आयोजित करने की बात कहीं. ‌

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार लिया फैसला

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार लगातार प्रदेश में शिक्षा के गुणवत्ता सुधारने के लिए काम कर रही है. इस दिशा में यह फैसला लिया गया है कि टीईटी परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आयोजित की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की मेहनत का सम्मान करती है और उनके कामकाज की परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए जरूरी फैसले ले रही है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि टीईटी का आयोजन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है, हालांकि दोनों मोड में परीक्षा कब और किस तरह आयोजित होगी, इसे लेकर अभी परीक्षा से जुड़ा कोई कार्यक्रम नहीं बताया गया है. 

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स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता सुधारने पर जोर 

मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस समारोह में मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग की सिफारिशों के आधार पर शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के प्रयास किया जा रहे हैं. उन्होंने सरकारी स्कूलों को और बेहतर बनाने की बात भी कही. मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल परीक्षा के रिजल्ट तक सीमित नहीं बताया. उनके अनुसार शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाते हैं और किसी शिक्षक के लिए सबसे बड़ी संतुष्टि तब होती है, जब उसके पढ़ाएं हुए विद्यार्थी जीवन में उससे भी आगे बढ़ते हैं. 

33 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान 

शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्यपाल मंगू भाई पटेल मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए 33 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया. मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के योगदान का जिक्र करते हुए दावा किया कि बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में शामिल होने वाले 50 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से आते हैं. इसके अलावा कार्यक्रम में राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने भी कहा कि आज के समय में शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जा सकता है. इसे वैश्विक बदलावों और रोजगार की जरूरत के अनुसार विकसित करने की आवश्यकता है.

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