LOTUS Programme FY2026 : जापान सरकार ने FY2026 के लिए LOTUS प्रोग्राम की घोषणा की है, जो भारतीय मास्टर्स, पीएचडी छात्र और पोस्टडॉक्टोरल रिसर्चर्स के लिए एक सुनहरा अवसर है. इस प्रोग्राम के तहत लगभग 1,000 भारतीय छात्रों को जापान के शीर्ष विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों में रिसर्च करने का मौका मिलेगा. यह पहल India Japan Circulation of Talented Youths in Science Programme का हिस्सा है. 

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इस प्रोग्राम का उद्देश्य भारत और जापान के बीच वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करना और युवा भारतीय रिसर्चर्स को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और कैरियर विकसित करने के अवसर प्रदान करना है. तो आइए जानते हैं कि LOTUS प्रोग्राम 2026 के तहत भारतीय PhD स्कॉलर्स के लिए आवेदन प्रोसेस क्या है. 

LOTUS प्रोग्राम FY2026 में कौन कर सकता है आवेदन?

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इस प्रोग्राम में आवेदन करने वाले उम्मीदवार 40 साल से कम उम्र के होने चाहिए और उन्हें किसी भारतीय विश्वविद्यालय या रिसर्च संस्थान से जुड़ा होना जरूरी है. उम्मीदवार स्वतंत्र रूप से आवेदन नहीं कर सकते हैं. आवेदन सिर्फ जापान के किसी विश्वविद्यालय या रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर (PI) के माध्यम से किए जा सकते हैं, जो चयनित उम्मीदवार को होस्ट करेगा. आवेदन की लास्ट डेट 9 जून 2026 है.  आवेदन के बाद समीक्षा और चयन प्रक्रिया जून से अगस्त 2026 के बीच होगी, और लास्ट परिणाम अगस्त के अंत में घोषित हो सकते हैं. 

प्रोग्राम के फोकस क्षेत्र कौन से हैं 

LOTUS प्रोग्राम उन छात्रों और रिसर्चर्स को प्राथमिकता देता है जो उभरते और उच्च प्रभाव वाले रिसर्च क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोटेक्नोलॉजी, एनर्जी और नवीकरणीय ऊर्जा, मैटेरियल साइंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर्स और टेलीकॉम शामिल हैं. साथ ही, अगर कोई रिसर्चर इन क्षेत्रों से संबंधित इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च कर रहा है, तो उसे भी माना जा सकता है. 

LOTUS प्रोग्राम के दो ट्रैक क्या हैं

FY2026 में प्रोग्राम को दो ट्रैक में बांटा गया है. जिसमें पहला LOTUS Basic है. इसमें रिसर्च स्टे 12 महीने तक का है. इसका उद्देश्य जापानी प्रोफेसर के साथ मूलभूत सहयोग और जॉइंट सुपरविजन बनाना है. वहीं दूसरा LOTUS ASPIRE (नया ट्रैक) है. यह रिसर्च स्टे 36 महीने तक है. इसका उद्देश्य गहन सहयोग और स्पष्ट रिसर्च परिणाम हासिल करना है. इसमें अतिरिक्त फंडिंग और संरचित मूल्यांकन शामिल है. LOTUS ASPIRE ट्रैक गहन और परिणाम सहयोग को बढ़ावा देता है, जिससे शोध का स्तर और प्रभाव दोनों बढ़ते हैं. 

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LOTUS प्रोग्राम 2026 में अकादमिक फायदे

LOTUS प्रोग्राम 2026 के चयनित प्रतिभागियों को वित्तीय और अकादमिक दोनों तरह की मदद मिलती है. उन्हें मासिक स्टाइपेंड लगभग 1.4 लाख दिया जाएगा, जिसमें रहने और खाने का खर्च शामिल है. इसके अलावा, रिसर्च गतिविधियों, जापान में यात्रा और सहयोग से जुड़े खर्चों के लिए अतिरिक्त फंड भी उपलब्ध है, लेकिन भारत से जापान आने जाने का खर्च इसमें शामिल नहीं है. प्रोग्राम के अन्य फायदों में जापान के उन्नत रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच, अंतरराष्ट्रीय अकादमिक नेटवर्किंग के अवसर, और फ्यूचर में इंटर्नशिप या जापान में रोजगार के संभावित रास्ते शामिल हैं. 

 LOTUS प्रोग्राम 2026 के लिए आवेदन प्रोसेस क्या है

1. LOTUS प्रोग्राम 2026 आवेदन के लिए रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर, पीआई की आधिकारिक वेबसाइट https://www.jst.go.jp/program/india/en/call/ पर जाएं.

2. यहां आवेदन फॉर्म भरें और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें. 

3. अब आवेदन फॉर्म को PI के तहत सबमिट करवाएं.

4. सबमिट होने के बाद, आपको आवेदन की सफलता और आगे की प्रक्रिया की जानकारी ईमेल के जरिए मिलेगी. 

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