देश की तीनों सेनाओं थल, जल और वायु के बीच तालमेल बैठाने वाला सबसे अहम पद होता है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, यानी CDS. अब इस जिम्मेदारी के लिए नया नाम सामने आया है. केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (रिटायर्ड) को देश का नया CDS नियुक्त किया है. वे मौजूदा CDS जनरल अनिल चौहान की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई 2026 को पूरा हो रहा है. इसके बाद सुब्रमणि इस पद की कमान संभालेंगे और अगले आदेश तक अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे.

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CDS का पद भारत में साल 2020 में बनाया गया था. इसका मकसद था कि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल हो और रक्षा से जुड़े फैसले जल्दी लिए जा सकें. वे सरकार को सैन्य मामलों में सलाह देते हैं, संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करते हैं और भविष्य की रक्षा तैयारियों की दिशा तय करते हैं. एन. एस. राजा सुब्रमणि लंबे समय तक सेना में सेवा दे चुके हैं. अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का उनका अनुभव अब देश के काम आएगा.

लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एन. एस. राजा सुब्रमणि का सैन्य सफर काफी लंबा और अहम रहा है. फिलहाल वे 1 सितंबर 2025 से नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट में मिलिट्री एडवाइजर के पद पर काम कर रहे हैं. इससे पहले भी उन्होंने कई बड़े पदों पर जिम्मेदारी निभाई है. वे 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक आर्मी स्टाफ के वाइस चीफ रहे. इसके अलावा मार्च 2023 से जून 2024 तक उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर भी अपनी सेवाएं दीं. सेना में अपने लंबे अनुभव और कई जिम्मेदारियों को निभाने के बाद अब उन्हें देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया गया है.

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कितनी मिलेगी सैलरी?

CDS का पद चार सितारा जनरल के बराबर होता है. इस पद पर तैनात अधिकारी को करीब 2 लाख 50 हजार रुपये प्रति माह की तय सैलरी मिलती है. इसके साथ सरकार की ओर से कई तरह के भत्ते और सुविधाएं भी दी जाती हैं. इनमें आधिकारिक आवास, स्टाफ, यात्रा सुविधा, सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं शामिल होती हैं. यह सैलरी देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य पद के हिसाब से तय की गई है.

क्यों अहम है यह पद?

पहले तीनों सेनाएं अपने-अपने स्तर पर फैसले लेती थीं. लेकिन अब CDS के आने के बाद एक केंद्रीय समन्वय बना है. इससे संसाधनों की बचत होती है, योजनाएं जल्दी बनती हैं और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो पाती है.

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