राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (RPSC) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है. मशहूर कवि और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता डॉ. कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा ने आयोग के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है. उनका यह कदम राजस्थान हाई कोर्ट की हालिया सख़्त टिप्पणियों के बाद सामने आया है. मंजू शर्मा ने अपना इस्तीफा सीधे राज्यपाल को भेजा. अपने पत्र में उन्होंने साफ लिखा कि वह अपनी स्वेच्छा से पद छोड़ रही हैं.
उनका कार्यकाल 14 अक्टूबर 2026 तक का था और वे 15 अक्टूबर 2020 से इस पद पर कार्यरत थीं. लेकिन हाल ही में जिस तरह से आयोग के कामकाज और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे, उसके बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया.अजमेर की रहने वाली मंजू शर्मा ने राजस्थान यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है. शिक्षा जगत में उनकी पहचान गहरी है. उन्होंने कॉलेज लेक्चरर की परीक्षा पास की और राजस्थान के कॉलेज में बतौर प्रोफेसर अपनी सेवाएं दीं. इसके बाद उन्हें RPSC का सदस्य नियुक्त किया गया.
कितनी है सैलरी?
आरपीएससी सदस्यों और अध्यक्ष की सैलरी निर्धारित है. आरपीएससी अध्यक्ष को लगभग 2 लाख 25 हजार रुपये महीने सैलरी दी जाती है. जबकि आरपीएससी सदस्यों को करीब 2 लाख 5 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं. जिनमें डीए, एचआरए और अन्य अलाउंस भी शामिल हैं. सदस्यों को मेडिकल इंश्योरेंस और पेंशन जैसी फैसिलिटी भी मिलती हैं.
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क्या है मामला?
हाल ही में राजस्थान हाई कोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया था. अदालत ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए और आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्यों की भूमिका को लेकर कड़ी टिप्पणी की. कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनने का भी फैसला लिया.
यह भर्ती मंजू शर्मा के कार्यकाल में हुई थी, इसलिए उन पर भी सवाल उठ रहे थे. ऐसे माहौल में उन्होंने पद से हटने का रास्ता चुना. मंजू शर्मा के इस्तीफे ने एक बार फिर RPSC को सुर्खियों में ला दिया है. आयोग पर पहले भी कई बार भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं. हाई कोर्ट की हालिया टिप्पणियों ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है.
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