जेईई मेन 2026 की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए कटऑफ एक बहुत अहम शब्द है. हर साल की तरह इस बार भी जेईई मेन परीक्षा के बाद सभी की नजर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA द्वारा जारी की जाने वाली कटऑफ पर टिकी रहेगी. जेईई मेन 2026 की कटऑफ परीक्षा के दूसरे सेशन यानी सेशन 2 का रिजल्ट आने के बाद जारी की जाएगी. यही कटऑफ यह तय करेगी कि कौन से छात्र देश के बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले की दौड़ में आगे बढ़ पाएंगे.

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जेईई मेन सेशन 1 और सेशन 2 की कटऑफ एक जैसी ही होती है, क्योंकि एनटीए न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक ही जारी करता है. जेईई मेन 2026 की कटऑफ पर्सेंटाइल के रूप में घोषित की जाएगी. इसका मतलब यह है कि छात्रों को एक तय पर्सेंटाइल स्कोर हासिल करना होगा, तभी वे एनआईटी, ट्रिपल आईटी और अन्य केंद्रीय संस्थानों में दाखिले के लिए योग्य माने जाएंगे.

कटऑफ क्यों है इतनी जरूरी

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जेईई मेन 2026 की कटऑफ सिर्फ कॉलेज में दाखिले के लिए ही नहीं, बल्कि जेईई एडवांस 2026 में बैठने के लिए भी बेहद जरूरी है. जो छात्र जेईई मेन की कटऑफ से ऊपर स्कोर करते हैं, वही जेईई एडवांस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद ही आईआईटी जैसे टॉप संस्थानों में दाखिले का रास्ता खुलता है. ऐसे में कटऑफ को समझना और उसके अनुसार तैयारी करना हर छात्र के लिए जरूरी हो जाता है.

हालांकि आधिकारिक कटऑफ जेईई मेन सेशन 2 के रिजल्ट के बाद ही जारी की जाएगी, लेकिन छात्र अभी से अनुमानित कटऑफ के आधार पर अपनी स्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं. इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि उनकी तैयारी सही दिशा में है या नहीं.

श्रेणी के अनुसार अलग होती है कटऑफ

जेईई मेन 2026 की कटऑफ सभी छात्रों के लिए एक जैसी नहीं होती. अलग-अलग वर्ग के लिए अलग कटऑफ तय की जाती है. सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए कटऑफ आमतौर पर सबसे ज्यादा होती है. वहीं ओबीसी, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए कटऑफ थोड़ी कम रखी जाती है. इसका उद्देश्य सभी वर्गों के छात्रों को बराबर अवसर देना होता है.

अनुमान के मुताबिक, सामान्य वर्ग के लिए जेईई मेन 2026 की कटऑफ करीब 92 से 94 पर्सेंटाइल के बीच रह सकती है. ओबीसी वर्ग के लिए यह 80 से 83 पर्सेंटाइल, एससी के लिए करीब 60 से 63 पर्सेंटाइल और एसटी वर्ग के लिए लगभग 48 से 50 पर्सेंटाइल के आसपास हो सकती है. ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों के लिए कटऑफ 81 से 84 पर्सेंटाइल के बीच रहने की उम्मीद है. हालांकि यह केवल अनुमान है, असली कटऑफ इससे थोड़ी ऊपर या नीचे हो सकती है.

कटऑफ किन बातों पर निर्भर करती है

जेईई मेन 2026 की कटऑफ कई बातों पर निर्भर करती है. सबसे पहले परीक्षा का स्तर देखा जाता है. अगर पेपर ज्यादा कठिन होता है, तो कटऑफ थोड़ी कम रह सकती है. वहीं अगर पेपर आसान होता है, तो कटऑफ बढ़ने की संभावना रहती है.

इसके अलावा कॉलेजों में उपलब्ध सीटों की संख्या भी कटऑफ तय करने में अहम भूमिका निभाती है. अगर सीटें कम होती हैं और छात्रों की संख्या ज्यादा होती है, तो कटऑफ अपने आप बढ़ जाती है. वहीं सीटें ज्यादा और छात्र कम हों, तो कटऑफ कम भी हो सकती है.

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