पश्चिम बंगाल के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. 23 जनवरी 2026 को सरस्वती पूजा होने के कारण जेईई मेन 2026 (सेशन-1) की परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों में काफी चिंता थी. पूजा के दिन परीक्षा पड़ने से छात्रों को धार्मिक परंपराओं और परीक्षा के बीच मुश्किल चुनाव करना पड़ सकता था. इसी को ध्यान में रखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अहम फैसला लिया है.
एनटीए ने साफ कर दिया है कि 23 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल में रहने वाले किसी भी छात्र को जेईई मेन 2026 की परीक्षा देने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. जिन उम्मीदवारों की परीक्षा इस दिन निर्धारित थी, उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरी तारीख दी जाएगी. यानी अब सरस्वती पूजा के दिन पश्चिम बंगाल के छात्रों को परीक्षा केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी.
दरअसल, सरस्वती पूजा पश्चिम बंगाल में सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि छात्रों से जुड़ा एक भावनात्मक पर्व है. इस दिन छात्र विद्या की देवी सरस्वती की पूजा करते हैं और पढ़ाई से जुड़े अपने सपनों के लिए आशीर्वाद मांगते हैं. ऐसे में इसी दिन एक बड़ी प्रतियोगी परीक्षा होने से छात्रों में नाराजगी और तनाव दोनों देखने को मिल रहे थे. कई छात्र संगठनों और अभिभावकों ने इस मुद्दे को उठाया और एनटीए से तारीख बदलने की मांग की.
NTA ने क्या कहा?
छात्रों की बात सुनते हुए एनटीए ने यह फैसला लिया है. एजेंसी ने कहा है कि वह छात्रों की धार्मिक भावनाओं और व्यावहारिक दिक्कतों का पूरा सम्मान करती है. इसी वजह से पश्चिम बंगाल के सभी प्रभावित उम्मीदवारों को जेईई मेन 2026 सेशन-1 की तय तारीखों में से किसी और दिन परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा.
बदली जाएगी डेट
एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा का स्तर, पेपर पैटर्न और नियम सभी के लिए समान रहेंगे. केवल परीक्षा की तारीख बदली जाएगी, ताकि किसी भी छात्र को नुकसान न हो. नई परीक्षा तिथि की जानकारी उम्मीदवारों को जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट और उनके रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर दी जाएगी.
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