अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में 175 रन की धुआंधार पारी खेलने वाले और इंडियन क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने सीबीएसई 10वीं की पहली परीक्षा नहीं दी. दरअसल, मंगलवार यानी 17 फरवरी को समस्तीपुर के पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल स्थित परीक्षा सेंटर में उनका गणित का एग्जाम था. ऐसे में सवाल उठता है कि वैभव सूर्यवंशी अगर 10वीं की पहली परीक्षा में सारे पेपर छोड़ देते हैं तो क्या उन्हें इस साल होने वाले दूसरे एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा? 

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क्या है पूरा मामला?

सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं, जो 11 मार्च तक चलेंगी. वहीं, बिहार के समस्तीपुर जिले के पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में बना सीबीएसई का एग्जाम सेंटर इस वजह से सुर्खियों में था, क्योंकि यहां भारतीय क्रिकेट जगत के नए सितारे वैभव सूर्यवंशी को परीक्षा देने आना था. दरअसल, वैभव 10वीं के छात्र हैं, लेकिन पहले आईपीएल और हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर वह तमाम दिलों के फेवरेट बन चुके हैं. ऐसे में वैभव के एग्जाम में शामिल होने पर हर किसी की नजर बनी हुई थी.

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एग्जाम देने क्यों नहीं आए वैभव?

अब सवाल उठता है कि वैभव सूर्यवंशी एग्जाम देने क्यों नहीं आए तो इसका जवाब उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने दिया है. उन्होंने बताया है कि वैभव का शेड्यूल काफी ज्यादा बिजी है, जिसकी वजह से व साल 2026 में सीबीएसई की इस परीक्षा का एक भी एग्जाम नहीं दे पांगे. अब वैभव ने पहला पेपर छोड़ दिया है, जिससे यह तय माना जा रहा है कि वह बाकी पेपर में भी शामिल नहीं होंगे.

क्या साल में होने वाली दूसरी परीक्षा दे पाएंगे वैभव?

समस्तीपुर स्थित पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल एनके सिन्हा के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली है, जिसके चलते उनके नाम के आगे एब्सेंट लिखा गया है. दरअसल, सीबीएसई का नियम है कि अगर कोई स्टूडेंट बिना जानकारी दिए एग्जाम छोड़ देता है तो उसके नाम के आगे अनुपस्थित लिख दिया जाता है. 

सीबीएसई के नियम से क्या खराब होगा साल?

अब सवाल उठता है कि सीबीएसई की इस साल होने वाली पहली परीक्षा छोड़ने के बाद क्या वैभव सूर्यवंशी साल की दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकेंगे? अगर सीबीएसई के नियमों पर गौर किया जाए तो वैभव अगर 3 पेपर छोड़ देते हैं तो उन्हें इस साल होने वाली सीबीएसई की दूसरी परीक्षा में बैठने में बैठने का मौका नहीं मिलेगा. इसका मतलब यह है कि वह अब अगले साल यानी फरवरी 2027 में होने वाली परीक्षा में ही शामिल हो पाएंगे. सीबीएसई का कहना है कि वह इस तरह के मामले में किसी भी छूट या रिक्वेस्ट पर विचार नहीं करेगा. 


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