इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर ने ग्लोबल मैनेजमेंट एजुकेशन में एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज की है. फाइनेंशियल टाइम्स की मास्टर्स इन मैनेजमेंट 2026 रैंकिंग में आईआईएम बैंगलोर को दुनिया में 21वां स्थान मिला है. संस्थान ने पिछले साल के मुकाबले इस बार रैंकिंग में बड़ा सुधार किया है. 2025 में आईआईएम बैंगलोर को 28वें और 2024 में 41वें स्थान पर था. वहीं आईआईएम बैंगलोर के अलावा भारत के कई दूसरे बिजनेस स्कूलों ने भी वैश्विक रैंकिंग में अपनी जगह बनाई है.
FT Rankings 2026 में भारत के संस्थान और रैंक
- आईआईएम बैंगलोर- 21वीं रैंक
- SPJIMR- 26वीं रैंक
- आईआईएम अहमदाबाद-27वीं रैंक
- एक्सएलआरआई- 33वीं रैंक
- आईआईएम कोलकाता- 39वीं रैंक
- आईआईएम कोझिकोड- 54वीं रैंक
- आईआईएम इंदौर 62वीं रैंक
- एमडीआई गुड़गांव- 67वीं रैंक
- आईआईएम लखनऊ- 72वीं रैंक
- एनएमआईएमएस मुंबई- 73वीं रैंक
- आईआईएम उदयपुर- 83वीं रैंक
- आईएमटी गाजियाबाद- 86वीं रैंक
- आईएमआई दिल्ली- 90वीं रैंक
- TA Pai मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट 90वीं रैंक
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दुनिया में यूनिवर्सिटी ऑफ St Gallen नंबर-1
वैश्विक स्तर पर स्विट्जरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ St Gallen ने मास्टर्स इन मैनेजमेंट 2026 की रैंकिंग में पहला स्थान बरकरार रखा है. इसके बाद पुर्तगाल की नोवा स्कूल ऑफ बिजनेस एंड इकोनॉमिक्स दूसरे और चीन की शंघाई जिआओ टॉन्ग यूनिवर्सिटी के अंताई कॉलेज ऑफ इकोनॉमिक्स एंड मैनेजमेंट तीसरे स्थान पर रहे. यूनिवर्सिटी ऑफ St Gallen की शुरुआत 1898 में व्यापार, परिवहन और प्रशासन की शिक्षा देने वाली संस्था के तौर पर हुई थी. शुरुआती दौर में यहां केवल 7 स्टूडेंट्स थे. अब यह संस्थान दुनिया के टॉप मैनेजमेंट स्कूलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं. एफ की एमआईएम रैंकिंग में यह संस्थान कुल 15वीं बार नंबर-1 रहा है और लगातार तीसरे साल टॉप स्थान पर है.
किन आधारों पर तैयार होती है एफटी की रैंकिंग?
फाइनेंशियल टाइम्स ने 2026 में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई जाने वाले 100 मास्टर्स इन मैनेजमेंट प्रोग्राम्स को रैंक किया है. इसमें मुख्य रूप से ऐसे फुल टाइम और Cohort based प्रोग्राम शामिल हैं, जिनमें आमतौर पर कम या बिना काम के एक्सपीरियंस वाले स्टूडेंट्स एडमिशन लेते हैं. रैंकिंग तैयार करने में बिजनेस स्कूलों से मिली जानकारी के साथ 2023 में ग्रेजुएट एवं हुए पूर्व स्टूडेंट के रिएक्शंस को भी शामिल किया गया है. कुल स्कोर में 56 प्रतिशत हिस्सेदारी एलुमिनाई रिस्पांस की है, जबकि स्कूलों से मिले आंकड़ों का योगदान 44 प्रतिशत है. एफटी की रैंकिंग में ग्रेजुएशन के बाद मिलने वाली सैलरी में बढ़ोतरी, करियर प्रोग्रेशन, वैल्यू फॉर मनी, इंटरनेशनल एक्सपोजर और सस्टेनेबिलिटी जैसे कई मानकों को ध्यान में रखा जाता है. इनमें ग्रेजुएशन के 3 साल बाद की औसत सैलरी का वेटेज सबसे ज्यादा 15 प्रतिशत है, जबकि सैलरी बढ़ोतरी को 9 प्रतिशत वेटेज दिया गया है.
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