भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी (IIT Guwahati) ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग यानी गेट 2026 परीक्षा का आयोजन करने जा रहा है. यह परीक्षा 7 फरवरी से शुरू होगी और 8, 14 व 15 फरवरी 2026 को भी देशभर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी. परीक्षा विभिन्न विषयों के अनुसार अलग-अलग शिफ्ट में कराई जाएगी, ताकि सभी अभ्यर्थियों को सही व्यवस्था मिल सके.

Continues below advertisement

गेट परीक्षा इंजीनियरिंग और विज्ञान के छात्रों के लिए बहुत अहम मानी जाती है, क्योंकि इसके जरिए आईआईटी, एनआईटी और अन्य बड़े संस्थानों में उच्च शिक्षा के रास्ते खुलते हैं. साथ ही कई सरकारी और निजी कंपनियां भी गेट स्कोर के आधार पर भर्ती करती हैं.

कंप्यूटर आधारित होगी परीक्षा, 30 पेपर शामिल

Continues below advertisement

इस बार गेट 2026 की परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी सीबीटी मोड में आयोजित की जाएगी. परीक्षा में कुल 30 विषयों के पेपर शामिल होंगे. खास बात यह है कि इंजीनियरिंग साइंसेज (XE) के तहत “एनर्जी साइंस” नाम से एक नया सेक्शनल पेपर जोड़ा गया है. इससे ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों में पढ़ाई कर रहे छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है. परीक्षा को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्रों की समझ, गणना क्षमता और विषय की पकड़ को अच्छे से परखा जा सके.

हर पेपर की अवधि होगी तीन घंटेगेट 2026 के हर पेपर की अवधि तीन घंटे तय की गई है. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर तय समय से पहले पहुंचें. परीक्षा शुरू होने से 40 मिनट पहले अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा.

इसके अलावा उम्मीदवार परीक्षा शुरू होने से 20 मिनट पहले अपने कंप्यूटर सिस्टम में लॉगिन कर सकेंगे. इस दौरान वे स्क्रीन पर दिए गए जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ सकेंगे, ताकि परीक्षा के समय किसी तरह की दिक्कत न हो.

देरी से पहुंचने वालों को नहीं मिलेगा प्रवेशपरीक्षा से जुड़े नियम काफी सख्त रखे गए हैं. परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट बाद किसी भी उम्मीदवार को केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा. साथ ही परीक्षा खत्म होने से पहले किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी.

एक या दो पेपर देने का मिलेगा मौकागेट 2026 में उम्मीदवार अपनी योग्यता और जरूरत के अनुसार एक या दो पेपर के लिए परीक्षा दे सकते हैं. इससे छात्रों को अपने करियर के हिसाब से बेहतर विकल्प चुनने का मौका मिलेगा.

तीन तरह के सवाल पूछे जाएंगे

एमसीक्यू: इन सवालों में चार विकल्प दिए जाएंगे, जिनमें से केवल एक ही सही होगा. गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग लागू होगी, यानी अंक काटे जाएंगे. एमएसक्यू: इन सवालों में एक से ज्यादा विकल्प सही हो सकते हैं. इनमें नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी, लेकिन अगर सभी सही विकल्प नहीं चुने गए तो आंशिक अंक भी नहीं मिलेंगे.

एनएटी: इन सवालों में उम्मीदवारों को कोई विकल्प नहीं मिलेगा. उन्हें स्क्रीन पर दिए गए कीपैड से खुद उत्तर टाइप करना होगा. इनमें भी नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी.


Education Loan Information:

Calculate Education Loan EMI