दिल्ली से महज 50 किलोमीटर दूर फरीदाबाद में सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसने सबको हैरान कर दिया. डॉक्टर की डिग्री और अस्पताल की नौकरी की आड़ में आतंक फैलाने की तैयारी चल रही थी. जम्मू-कश्मीर के रहने वाले दो डॉक्टर डॉ. आदिल अहमद राठर और डॉ. मुजम्मिल शकील को गिरफ्तार किया गया है. दोनों के पास से 360 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट, दो राइफलें, 20 टाइमर, बैटरी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है.

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जांच में सामने आया है कि डॉ. आदिल अहमद राठर, जो अनंतनाग के जीएमसी अस्पताल में सीनियर डॉक्टर के पद पर काम करता था वहीं उसका साथी डॉ. मुजम्मिल शकील फरीदाबाद की अल फलह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था. एजेंसियों को शक है कि दोनों ने अपनी सैलरी का एक हिस्सा आतंक गतिविधियों को फंड करने में लगाया.

किराए के घर से मिला बारूद का जखीरा

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों के ठिकाने से तीन मैगजीन, आठ बड़े और तीन छोटे सूटकेसों में भरा विस्फोटक, दो रायफलें और वॉकी-टॉकी बरामद हुए हैं. पुलिस के मुताबिक, यह आरडीएक्स नहीं बल्कि अमोनियम नाइट्रेट है, जिसका इस्तेमाल बड़े धमाके करने के लिए किया जा सकता था.

डॉक्टर से आतंकी बनने तक का सफर

आदिल अहमद और मुजम्मिल दोनों ही पढ़े-लिखे परिवारों से आते हैं. आदिल ने मेडिकल कॉलेज से MBBS और बाद में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कुछ दिन पहले ही सहारनपुर से आदिल को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में उसने कबूल किया कि अनंतनाग के एक बैंक लॉकर में AK-47 और विस्फोटक छिपा रखा है. जब पुलिस ने लॉकर खोला, तो वहां हथियारों का जखीरा मिला. उसी की जानकारी के आधार पर एजेंसियों ने फरीदाबाद में छापेमारी की और 360 किलो से ज्यादा बारूद बरामद किया.

कितनी होगी सैलरी?

अगर हम डॉ. आदिल अहमद राठर की सैलरी की बात करें तो वह सहारनपुर-अंबाला रोड पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में काम कर रहा था. अनुमानित सैलरी मानी जाए तो 80 हजार से 1 लाख 20 हजार रुपये के बीच हो सकती है. हालांकि ABP Live इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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