नई दिल्ली: स्पोर्टस और अन्य एक्स्ट्रा कॅरिकुलर एक्टिविटी (ईसीए) में महारथ रखते हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में नामांकन चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए है. बता दें कि डीयू में सिर्फ पारंपरिक रूप से खेले जाने वाले खेलों और अन्य गतिविधियों को ही स्पोर्टस और ईसीए कोटे के तहत मान्यता दी गई है. ऐसे में आज के छात्र जो क्यूबिंग से लेकर रोबोटिक्स और इंजीनियरिंग मॉडलिंग में दिलचस्पी रखते हैं उन्हें यहां एडमिशन लेने में कोटे का कोई फायदा नहीं मिलता है.

ऐसे में इन खेलों और गतिविधियों में अपना कीमती समय खपाने वाले छात्रों को निराशा मिलती है. जानकारी हो कि डीयू में स्पोर्टस और ईसीए कोटे के तहत पांच फीसदी सीटें रिजर्व हैं. इन रिजर्व सीटों पर दाखिले के लिए छात्रों का कैंपस में संबंधित गतिविधियों के लिए ट्रायल लिया जाता है. इसमें सफल होने पर मैरिट में छूट देकर उन्हें दाखिला दिया जाता है.

स्पोर्टस और ईसीए कोटे के तहत इन चीजों को मिली है मान्यता

डीयू में स्पोर्टस और ईसीए कोटे के तहत क्रिएटिव राइटिंग (इंग्लिश-हिन्दी), डांस (इंडियन फोक, वेस्टर्न कॉरियोग्राफी), फाइन आर्ट (स्केचिंग, पेंटिंग, स्कल्पचर), म्यूजिक (वोकल- इंडियन, वेस्टर्न, क्लासिकल, और लाइट, इंस्ट्रूमेंटल- इंडियन वेस्टर्न), अन्य में वाद-विवाद, थियेटर, क्विज, एनसीसी, एएसएस, योगा में दक्षता रखने वाले छात्रों को वरियता दी जाती है.

स्कूलों में छात्र सीख रहे ये सब, पर डीयू में इसका कोई फायदा नहीं

आज के समय में स्कूलों में रोबोटिक्स, क्यूबिंग, ओल्पपियाड, क्ले माडलिंग जैसी चीजें बच्चों को सिखाई जा रही हैं. आज के छात्र फैशन और ज्वैलरी डिजाइनिंग, कैलीग्राफी, एयरोस्पेस और ऑटोमोबाइल जैसी चीजों में दिलचस्पी रख रहे हैं और इसमें काफी मेहनत कर रहे हैं. लेकिन डीयू ईसीए कोटे के तहत इन चीजों को मान्यता नहीं देता है जिससे छात्रों को निराशा हाथ लगती है.

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