दिल्ली सरकार राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे 20 हजार से ज्यादा गेस्ट टीचर्स को तोहफा देने जा रही है. दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने गेस्ट टीचर्स के मानदेय ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें पर-डे पेमेंट सिस्टम के बजाय फिक्स्ड मंथली सैलरी देने का प्रस्ताव तैयार किया है. 15 अक्टूबर को तैयार की गए इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद पीजीटी, टीजीटी और पीआरटी गेस्ट टीचर की सैलरी में भारी बढ़ोतरी होगी और उन्हें हर महीने एक फिक्स्ड सैलरी मिलेगी. शिक्षा निदेशालय ने इस संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी और सहमति के लिए दिल्ली सरकार के वित्त विभाग के पास भेजा है और अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो इसे 1 नवंबर से लागू करने की योजना भी बनाई जा रही है. 

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फिलहाल दिल्ली में गेस्ट टीचर्स को रोजाना है कि उपस्थिति के हिसाब से पर-डे सैलरी मिलती है. यह सैलरी लगभग 1000 रुपये प्रतिदिन होती है. वहीं नई व्यवस्था में  इसे बदलकर बेसिक पे और महंगाई भत्ते से जोड़ दिया जा गया है. प्रस्तावित ढांचे के तहत 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता इसमें शामिल किया गया है. जो सरकार की ओर से समय-समय पर बढ़ाए जाने वाले डीए के अनुसार बदलता रहेगा.

कितना मिलेगा मासिक मानदेय?

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नए प्रस्ताव के अनुसार पीजीटी टीचर्स के बेसिक पे में 60 प्रतिशत डीए मिलाकर उन्हें कुल 76,160 रुपये मासिक सैलरी दी जा सकती है. वहीं टीजीटी टीचर्स के बेसिक पे में भी 60 प्रतिशत डीए मिलाकर 71,840 रुपये सैलरी मिलेगी. इसके अलावा पीआरटी टीचर्स के बेसिक पे में 60 प्रतिशत डीए मिलाकर 56,640 रुपये तक सैलरी मिल सकती है. हालांकि गेस्ट टीचर्स को मकान किराया भत्ता या दूसरा कोई अतिरिक्त भत्ता नहीं मिलेगा. 

अब्सेंट होने पर कटेगी सैलरी 

शिक्षा निदेशालय के अनुसार गेस्ट टीचर्स को नियमित किए जाने का कोई अधिकार नहीं मिलेगा. वहीं उनकी नौकरी का स्टेटस संविदा पर ही रहेगा. इसके अलावा गेस्ट टीचर्स को एक वित्तीय वर्ष में 8 दिन की कैजुअल लीव मिलेगी, हालांकि बची हुई छुट्टियां अगले साल के लिए फॉरवर्ड नहीं की जाएगी. वहीं तय छुट्टियों से ज्यादा अनुपस्थित रहने पर मासिक वेतन में से प्रतिदिन के हिसाब से कटौती भी की जाएगी. 

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गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में भी मिलेगा मानदेय 

निदेशालय के इस प्रस्ताव की एक मुख्य बात यह है कि जो गेस्ट टीचर समर वेकेशन से ठीक पहले लगातार कार्यरत रहे हैं, उन्हें घर में और सर्दी की छुट्टियों के दौरान भी निर्धारित फिक्स्ड मंथली सैलरी मिलेगी. इसके अलावा अगर छुट्टियों के दौरान उनसे एडमिशन प्रोसेस, एक्स्ट्रा क्लासेस या कोई दूसरे सरकारी कार्य कराया जाता है, तो उन्हें इसके लिए एक्स्ट्रा पेमेंट दिया जाएगा. 

टीचर्स ने जताया आभार 

निदेशालय के डॉक्यूमेंट के अनुसार गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति केवल स्वीकृत खाली पदों की एवज में की जाती है और वह नियमित शिक्षकों के बराबर ही कार्य करते हैं. हालांकि इस फिक्स्ड सैलरी प्रस्ताव से उनके रोजगार का स्टेटस नहीं बदलेगा. वह संविदा के आधार पर ही रहेंगे और इससे नियमितीकरण का कोई सीधा कानूनी अधिकार नहीं मिलेगा. इसके अलावा गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी और शिक्षकों ने पिछले 8 से 9 वर्षों से लंबित सैलरी हाइक की इस पहल का स्वागत किया है और दिल्ली सरकार से मांग की है कि इस प्रस्ताव को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द लागू किया जाए.

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