दिल्ली की सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में मंगलवार यानी 17 फरवरी से बड़ा और नया बदलाव आया. दरअसल, 17 फरवरी को दिल्ली के सरोजिनी नगर इलाके में सीएम श्री स्कूल का उद्घाटन किया गया. इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद थे. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने की. इसके साथ दिल्ली के कुल 75 सरकारी स्कूलों में सीएम श्री स्कूल्स प्रोजेक्ट को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया. आइए जानते हैं कि इन स्कूलों में क्या सुविधाएं होंगी?

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क्या खास है इन स्कूलों में?

यह प्रोजेक्ट दिल्ली सरकार की बड़ी पहल है, जिसका मकसद सरकारी स्कूलों को आधुनिक और स्मार्ट बनाना है. ये स्कूल सिर्फ इमारतें नहीं हैं, बल्कि वे जगह हैं, जहां आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत नींव तैयार होगी. ये स्कूल विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में मदद करेंगे. यहां बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ जीवन कौशल, रोजगार से जुड़ी ट्रेनिंग, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी भी सिखाई जाएगी.

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सीएम श्री स्कूलों में मिलेंगी ये सुविधाएं

  • एआई आधारित स्मार्ट क्लासरूम: यहां इंटरएक्टिव बोर्ड और तकनीक से पढ़ाई आसान और मजेदार होगी.
  • करियर काउंसलिंग लैब: बच्चों को भविष्य के करियर के बारे में सही सलाह मिलेगी.
  • आईसीटी लैब: कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़ी पढ़ाई.
  • डिजिटल लाइब्रेरी: ई-बुक्स और ऑनलाइन संसाधन.
  • मल्टी-सेक्टोरल स्किल लैब: अलग-अलग स्किल्स की ट्रेनिंग.
  • लैंग्वेज लैब: विदेशी भाषाओं को बेहतर तरीके से सीखने की सुविधा.
  • समावेशी शिक्षा के लिए विशेष संसाधन कक्ष: सभी बच्चों के लिए बराबर मौके.
  • सीएम श्री डिजिटल पोर्टल: प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे JEE, NEET, UPSC आदि की तैयारी के लिए.

बच्चों को क्या होगा फायदा?

इन सुविधाओं से बच्चों को स्कूल में ही भविष्य की तैयारी का पूरा माहौल मिलेगा. अब पढ़ाई सिर्फ ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रहेगी. तकनीक और डिजिटल शिक्षा को अपनाकर सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों जैसा बनाया जा रहा है. गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे भी अब वही सुविधाएं पाएंगे, जो पहले सिर्फ अमीर बच्चे पाते थे.

टीचर्स ने कहीं ये बातें

एबीपी न्यूज की टीम ने सरोजिनी नगर के सीएम श्री स्कूल में टीचर्स और बच्चों से बात की. टीचर्स ने बताया कि स्मार्ट क्लास में पढ़ाना बहुत अच्छा लग रहा है. पहले जो पढ़ाई बच्चों के लिए बोझ लगती थी, अब एक खेल जैसी लग रही है. बच्चों की अटेंडेंस बढ़ गई है और वे पढ़ाई को एंजॉय कर रहे हैं. एक टीचर ने कहा कि स्मार्ट बोर्ड से पोयम जैसी चीजें याद करना और समझाना बहुत आसान हो गया है.

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