आज के युवा सिर्फ पोजिशन और प्रेस्टीज के पीछे नहीं भागते, बल्कि ऐसी जॉब्स को ज्यादा महत्व देते हैं, जहां अच्छी इनकम हो. बदलते समय के साथ उनकी सोच भी ज्यादा प्रैक्टिकल हो गई है, वह ऐसा करियर चुनना चाहते हैं जो पैसा भी दे और ग्रोथ भी. ऐसे में जब बात CA या CS जैसे प्रोफेशन की आती है, जहां पैसा और प्रेस्टीज दोनों मिलते हैं तो ये ऑप्शन्स युवाओं के बीच और भी पसंदीदा बन जाता है.
दोनों में क्या है फर्क?
चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) एक फाइनेंशियल एक्सपर्ट होता है, जिसकी स्पेशलिटी अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंशियल मैनेजमेंट से जुड़ी होती है. उनका मुख्य काम कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को अच्छा बनाए रखना होता है. वहीं, कंपनी सेक्रेटरी (CS) कॉरपोरेट लॉ और गवर्नेंस का एक्सपर्ट होता है. वह यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल न हो और स्टेकहोल्डर्स व बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के बीच एक ब्रिज की तरह काम करता है.
पढ़ाई का रास्ता और लगने वाला समय
भारत में CA बनने का सफर ICAI नाम की संस्था संभालती है, इसे पूरा करने में करीब 4.5 से 5 साल लग जाते हैं. यह 3 हिस्सों में बंटा होता है - फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल. इसमें 2 से 3 साल की आर्टिकलशिप (प्रैक्टिकल काम सीखना) करना जरूरी होता है. वहीं अगर CS की बात करें, तो इसे ICSI संस्था चलाती है. इसे पूरा करने में CA से थोड़ा कम समय, लगभग 3 से 4 साल लगते हैं, इसमें एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल लेवल की पढ़ाई के साथ साथ 21 महीने की ट्रेनिंग भी शामिल होती है.
सैलरी की तुलना
अगर देखा जाए तो CA का काम थोड़ा ज्यादा टेक्निकल होता है और इसमें फाइनेंस से जुड़ी कई चीजें शामिल होती हैं. इसलिए आमतौर पर इनकी सैलरी CS से ज्यादा होती है. शुरुआत में CA की सैलरी करीब 6 से 12 लाख सालाना होती है, जबकि CS की लगभग 4 से 8 लाख सालाना के आसपास रहती है. मिड लेवल पर CA की सैलरी 15 से 25 लाख तक पहुंच जाती है, वहीं CS की 12 से 20 लाख के बीच रहती है. सीनियर लेवल पर CA की सैलरी बढ़कर 40 से 70 लाख+ तक जा सकती है, जबकि CS प्रोफेशनल्स की सैलरी आमतौर पर 20 से 30 लाख के आसपास रहती है.
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