CBSE द्वारा इस बार कॉपियों की जांच के लिए लागू किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. जहां कुछ शिक्षक इसे भविष्य के लिए बेहतर और पारदर्शी व्यवस्था मान रहे हैं, वहीं अभिभावकों और छात्रों के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं.सबसे ज्यादा नजर अब 12वीं के रिजल्ट की तारीख पर टिकी हुई है
भविष्य में आसान हो सकती है प्रक्रियाकई शिक्षकों का मानना है कि शुरुआत में नई व्यवस्था होने की वजह से तकनीकी परेशानियां सामने आ रही हैं.उनका कहना है कि अगर समय रहते इन दिक्कतों को ठीक कर लिया गया, तो आने वाले वर्षों में कॉपियों की जांच पहले से ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी हो सकती है.शिक्षकों के अनुसार डिजिटल सिस्टम से मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है.
रिजल्ट की तारीख पर बनी हुई है नजरफिलहाल छात्र और अभिभावक CBSE 12वीं के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. मूल्यांकन कार्य से जुड़े कई शिक्षकों का कहना है कि अगर बाकी प्रक्रिया समय पर पूरी हो गई, तो बोर्ड 15 मई तक रिजल्ट जारी कर सकता है. हालांकि बोर्ड की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है.
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नई व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवालअभिभावकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पिछले साल की तरह इस बार भी रिजल्ट आने में लगभग उतना ही समय लग रहा है, तो फिर पूरी मूल्यांकन प्रणाली बदलने की जरूरत क्यों पड़ी. कई लोगों का कहना है कि अगर नई व्यवस्था से समय की बचत नहीं हो रही, तो इसका उद्देश्य केवल प्रक्रिया को डिजिटल बनाना ही माना जा रहा है.
छात्रों के नंबरों को लेकर चिंताकुछ अभिभावक इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन के कारण छात्रों के नंबरों पर असर पड़ सकता है.उनका मानना है कि अगर जांच प्रक्रिया में थोड़ी भी सख्ती बढ़ी, तो इसका सीधा असर छात्रों के रिजल्ट और आगे के करियर पर पड़ सकता है.
बोर्ड से मांगा गया जवाबइन सभी सवालों को लेकर एबीपी न्यूज की ओर से CBSE से जवाब मांगा गया है. हालांकि खबर लिखे जाने तक बोर्ड की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. ऐसे में अब सभी की नजर रिजल्ट की घोषणा और बोर्ड के अगले बयान पर बनी हुई है.
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