केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बताया है कि क्लास 12 के रिजल्ट के बाद शुरू की गई शिकायत निवारण प्रक्रिया के दौरान उसके पोर्टल पर एक बड़ा साइबर हमला किया गया. हालांकि तकनीकी टीमों की सतर्कता और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के चलते पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित और चालू रहा.

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CBSE के अनुसार 3 जून 2026 को पोर्टल पर डिनायल-ऑफ-सर्विस (DoS) अटैक किया गया, जिसमें करीब 38 लाख डेटा पैकेट भेजे गए. इस तरह के हमलों का उद्देश्य किसी वेबसाइट या ऑनलाइन सिस्टम को अत्यधिक ट्रैफिक भेजकर ठप करना होता है. लेकिन समय रहते तकनीकी विशेषज्ञों के हस्तक्षेप के कारण पोर्टल को सुरक्षित रखा गया और छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई.

इतने आवेदन हुए हैं प्राप्त

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बोर्ड ने बताया कि 4 जून 2026 तक पोस्ट-रिजल्ट शिकायत निवारण प्रक्रिया के तहत कुल 70,433 सफल आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 7,314 आवेदन अंकों के सत्यापन के लिए और 63,119 आवेदन पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए किए गए हैं. यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस वर्ष बड़ी संख्या में छात्र अपने परिणामों की समीक्षा कराना चाहते हैं.

CBSE ने कहा कि हाल के दिनों में मूल्यांकन प्रक्रिया और अंकों से जुड़े विवादों के बीच छात्रों की ओर से पुनर्मूल्यांकन के लिए भारी संख्या में आवेदन किए जा रहे हैं. ऐसे में पोर्टल पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक को संभालना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बोर्ड की प्राथमिकता थी.

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किए गए थे परीक्षण

बोर्ड के मुताबिक, पोर्टल को लॉन्च करने से पहले व्यापक सुरक्षा परीक्षण किए गए थे. इसमें पेनिट्रेशन टेस्टिंग, वल्नरेबिलिटी असेसमेंट और लोड एवं स्ट्रेस टेस्टिंग जैसी प्रक्रियाएं शामिल थीं. इन सभी परीक्षणों को साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से पूरा किया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे से पहले ही निपटा जा सके.

CBSE ने बताया कि पोर्टल को वेब एप्लिकेशन फायरवॉल (WAF), DDoS सुरक्षा प्रणाली, सुरक्षित लॉगिन व्यवस्था, ऑडिट लॉगिंग और 24 घंटे निगरानी जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस किया गया था. सभी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही 2 जून 2026 को सुबह करीब 4:30 बजे पोर्टल को लाइव किया गया.

हुए थे बड़े लेवल पर अटैक

बोर्ड के अनुसार पोर्टल शुरू होने के महज दो मिनट के भीतर ही लगभग 15 लाख एक्सेस रिक्वेस्ट दर्ज की गईं. इसी दौरान सिस्टम ने एक लाख से अधिक अनधिकृत लॉगिन और एक्सेस प्रयासों का भी पता लगाया और उन्हें सफलतापूर्वक ब्लॉक कर दिया. CBSE का कहना है कि ट्रैफिक पैटर्न में समन्वित और अत्यधिक संख्या में रिक्वेस्ट भेजी जा रही थीं, जो DDoS हमले जैसी गतिविधियों की ओर संकेत करती थीं. हालांकि सुरक्षा तंत्र ने इन सभी प्रयासों को विफल कर दिया.

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