CBSE के री-इवैल्यूएशन और OSM (On-Screen Marking) सिस्टम को लेकर इन दिनों काफी हलचल मची हुई है. सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि CBSE के पोर्टल पर साइबर अटैक या तकनीकी गड़बड़ी हुई है, जिससे पेमेंट सिस्टम और रिजल्ट सुधार प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. इस खबर के बाद छात्रों और अभिभावकों में काफी चिंता बढ़ गई है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसका असर बोर्ड रिजल्ट सुधार प्रक्रिया और CUET UG जैसे एडमिशन प्रोसेस पर पड़ेगा या नहीं.

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क्या है पूरा मामला?मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल में कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं. कुछ छात्रों ने बताया कि जब वे फीस जमा कर रहे थे तो सिस्टम में गड़बड़ी दिखी. कहीं फीस बहुत कम (जैसे 1 रुपये) दिखी तो कहीं अचानक हजारों रुपये तक पहुंच गई.

इसके अलावा कुछ मामलों में लॉगिन और पेमेंट प्रोसेस में भी परेशानी आई, जिससे छात्रों को आवेदन करने में दिक्कत हुई. इसी वजह से सोशल मीडिया पर इसे साइबर अटैक से जोड़कर देखा जाने लगा. हालांकि अभी तक CBSE की तरफ से किसी बड़े साइबर अटैक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

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पोर्टल में गड़बड़ी की खबर से बढ़ी चिंता

 रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर कुछ समय के लिए तकनीकी खराबी आई थी. इसी वजह से कई छात्रों को पेमेंट और आवेदन करने में परेशानी हुई. कुछ लोगों ने इसे “पोर्टल हैक” तक कह दिया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अभी इसे साइबर अटैक कहना सही नहीं होगा, क्योंकि इसकी जांच चल रही है. यह भी पढ़ें - अब CUET UG 2026 में भी गड़बड़ी, घंटों बाद शुरू हुआ एग्जाम, NTA ने बदली दोपहर की शिफ्ट की टाइमिंग

छात्रों की परेशानी और बढ़ता दबावछात्रों का कहना है कि पहले ही री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया थोड़ी लंबी और तनाव वाली होती है, ऊपर से इस तरह की तकनीकी गड़बड़ियों ने उन्हें और परेशान कर दिया है. कई छात्रों को डर है कि अगर सिस्टम की जांच या सुधार चलता रहा तो रिजल्ट सुधार प्रक्रिया में देरी हो सकती है.हालांकि अभी तक CBSE ने रिजल्ट जारी करने या री-इवैल्यूएशन की टाइमलाइन में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है. लेकिन छात्रों के बीच असमंजस जरूर बना हुआ है.

CUET एडमिशन पर क्या असर पड़ेगा?CUET UG को लेकर फिलहाल कोई सीधा असर नहीं बताया जा रहा है.CUET एक अलग परीक्षा है और इसका संचालन CBSE से अलग एजेंसी करती है. इसलिए अभी तक एडमिशन प्रक्रिया सुरक्षित मानी जा रही है.लेकिन अगर बोर्ड रिजल्ट में देरी होती है या री-इवैल्यूएशन लंबा चलता है, तो इसका असर कॉलेज एडमिशन के शेड्यूल पर पड़ सकता है. यानी अप्रत्यक्ष रूप से छात्रों की पूरी एडमिशन प्लानिंग पर असर दिख सकता है. यह भी पढ़ें - CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर बड़ा साइबर अटैक, फीस स्ट्रक्चर में हुई बड़ी गड़बड़ी!


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