CBSE द्वारा 12वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM सिस्टम को लेकर बहस तेज हो गई है. खासकर फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलॉजी और गणित जैसे विषयों में कम अंक आने पर कई छात्रों और अभिभावकों ने नाराज़गी जाहिर की है. छात्रों का कहना है कि परीक्षा अच्छी होने के बावजूद उम्मीद से कम नंबर मिले हैं.

Continues below advertisement

सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने दावा किया कि उनकी कॉपियों की जांच सही तरीके से नहीं हुई. कुछ छात्रों ने अपने पुराने एकेडमिक परफॉर्मेंस की तुलना इस बार के अंकों से करते हुए सीबीएसई इवेलुएशन प्रोसेस सवाल उठाए. देखते ही देखते यह मामला इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया.

क्या है सीबीएसई का OSM सिस्टम?

Continues below advertisement

CBSE ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि OSM यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है.इसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचा जाता है. बोर्ड के मुताबिक इस सिस्टम को इसलिए लागू किया गया ताकि कॉपियों की जांच ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो सके.

सीबीएसई का कहना है कि इस प्रक्रिया में स्टेप बाय स्टेप मार्किंग की जाती है. हर उत्तर को तय मार्किंग स्कीम के अनुसार जांचा जाता है ताकि सभी छात्रों को समान तरीके से अंक मिलें और किसी भी प्रकार की गलती की संभावना कम हो.

CBSE ने कहा – मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी

बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि OSM सिस्टम छात्रों के हित को ध्यान में रखकर लागू किया गया है. इससे हुमन एरर कम होता है और अलग-अलग परीक्षकों द्वारा दिए जाने वाले अंकों में अंतर भी घटता है.

सीबीएसई के अनुसार डिजिटल सिस्टम की मदद से कॉपियों की जांच पर बेहतर निगरानी रखी जा सकती है.इससे सभी छात्रों की आंसर शीट एक तय स्टैंडर्ड के अनुसार जांची जाती है. बोर्ड ने यह भी कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और भरोसेमंद है.

यह भी पढ़ें - NEET (UG) 2026: नीट परीक्षा की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को होगा एग्जाम; जानें जरूरी अपडेट्स

असंतुष्ट छात्रों को मिलेगा रिचेकिंग और रेवलुआतिओं का मौका

CBSE ने साफ किया कि जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें रिचेकिंग और रिवैल्युएशन की सुविधा दी जाएगी.छात्र सबसे पहले अपनी जांची हुई आंसर शीट की कॉपी मांग सकते हैं.अगर उन्हें किसी प्रकार की गलती दिखाई देती है तो वे सुधार या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं.

बोर्ड ने कहा कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और ट्रांसपेरेंट होगी ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो. इससे छात्र अपनी कॉपी देखकर सही जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

छात्रों और अभिभावकों में अब भी चिंता

हालांकि CBSE की सफाई के बाद भी कई छात्र और अभिभावक पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं. उनका कहना है कि इस बार साइंस सब्जेक्ट में बड़ी संख्या में छात्रों के अंक उम्मीद से कम आए हैं.कई छात्रों ने बोर्ड से इवेलुएशन प्रोसेस की दोबारा समीक्षा करने की मांग भी की है.

यह भी पढ़ें - क्या पाकिस्तान के स्कूलों में भी लागू है ड्रेस कोड, वहां कैसे कपड़े पहनने पर पाबंदी?


Education Loan Information:

Calculate Education Loan EMI