पिछले कई दिनों से सीबीएसई काफी चर्चा में है. इसके पीछे खास वजह नया सिस्टम OSM बनकर आया है. जिसके चलते स्टूडेंट्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच अब केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव का तबादला कर दिया है. इसके साथ ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से जुड़े विवादों की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है.

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यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया, टेंडर सिस्टम और कॉपियों की जांच को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. बताते चलें कि पिछले कुछ हफ्तों से CBSE का ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम चर्चा में है. छात्रों, अभिभावकों और कई संगठनों ने आरोप लगाए कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है.

वहीं, कुछ मामलों में 12वीं कक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर भी विवाद सामने आए. मामला अदालत तक पहुंच गया और विपक्षी दलों ने भी सरकार से जवाब मांगा. ऐसे माहौल में सरकार ने जांच समिति बनाकर पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कराने का फैसला लिया है.

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ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए परीक्षकों को डिजिटल रूप से उत्तर पुस्तिकाएं जांचने की सुविधा दी जाती है. इसका उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज और अधिक व्यवस्थित बनाना था। लेकिन हाल के दिनों में इसी प्रणाली को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.

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कौन हैं राहुल सिंह?

CBSE चेयरमैन पद से हटाए गए IAS राहुल सिंह एक वरिष्ठ अधिकारी हैं. वह 1996 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी हैं और करीब तीन दशक से प्रशासनिक सेवा में हैं. राहुल सिंह बिहार के वैशाली जिले से हैं. उनकी एजुकेशन की बात करें तो उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है और इसके बाद पब्लिक पॉलिसी एन्ड मैनेजमेंट में उच्च शिक्षा हासिल की.

आईएएस राहुल सिंह को मार्च 2024 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBSE का चेयरमैन बनाया गया था. इससे पहले वे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे. वहीं, बिहार में शिक्षा, ऊर्जा, वित्त, शहरी विकास और जिला प्रशासन जैसे कई विभागों में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.

उनके प्रशासनिक करियर में भागलपुर, मधुबनी और पश्चिम चंपारण जैसे जिलों में जिलाधिकारी के रूप में भी कार्य करने का अनुभव शामिल है. शिक्षा क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है. बिहार शिक्षा मिशन और स्कूल शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों में उन्होंने काम किया था. यह भी पढ़ें - CBSE की लापरवाही से लीक हो गया लाखों स्टूडेंट्स का पर्सनल डेटा? सोशल मीडिया पर दावों ने खड़े किए सवाल


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