CBSE Board Exam 2020: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने 17 दिसंबर 2019 को वर्ष 2020 में होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की डेटसीट जारी कर दी है.  डेटशीट के अनुसार 10वीं के मेन पेपर्स की परीक्षा 26 फरवरी से शुरू हो रही है. जबकि ये परीक्षाएं 18 मार्च 2020 संपन्न होंगीं. वहीँ 12वीं के मुख्‍य विषयों की परीक्षाएं 22 फरवरी 2020 से शुरू होकर 30 मार्च 2020 को संपन्न होंगीं. इस तरह अब आपके पास परीक्षा की तैयारी के लिए मात्र 60 दिन ही बचे हैं. इन बचे हुए अल्प समय में अपनी परीक्षा में कैसे अधिक अंक प्राप्त करें? आइए जानें एक्पर्ट क्या कहते हैं इस बारे में? विस्तृतपढ़नेकीतुलनामेंसेलेक्टिवको दें महत्त्व जैसा कि आप जानते हैं कि आब आपके सभी छात्र /छात्राओं के पास समय कम बचा है इस लिए अब समय  विस्तृत पढ़ने का नहीं बल्कि सेलेक्टिव पढने का है.  मोटी-मोटी पुस्तकों को पढने के बजाय शार्ट नोट्स को पढ़ें. ये शार्ट नोट्स सबसे अधिक अंक दिलाएँगें. गणित विषय के रिवीजन को कम से कम 1 से 1 ½ घंटे प्रतिदिन दें. गतवर्षोंके  प्रश्नपत्रोंकोकरेंसाल्व एक्सपर्ट कहते हैं कि प्रत्येक छात्र /छात्राओं को गत वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करना चाहिए. ये प्रश्नपत्र परीक्षाओं में अधिक अंक लाने के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं. इसको हल करने से न केवल सम्पूर्ण पाठ्यक्रम के महत्त्वपूर्ण भाग का रिवीजन होता है बल्कि छात्र /छात्राओं को इस बात की भी आइडिया हो जाती है कि किस तरह के प्रश्न परीक्षा में पूँछे जाते हैं.इसके साथ ही उन्हें समय प्रबंधन का तरीका भी मालूम हो जाता है. समयप्रबंधन एक्सपर्ट बताते हैं कि परीक्षा में समय प्रबंधन अति महत्वपूर्ण घटक है. छात्र/छात्राओं को जिन प्रश्नों का उत्तर आता है उन्हें वे बहुत अच्छा करने के चक्कर में अपने समय का ध्यान नहीं रख पाते और कुछ ही प्रश्नों का उत्तर देने में अपना काफी समय गवां देते हैं. परिणाम स्वरूप अंत में उन्हें समयाभाव के कारण कुछ प्रश्नों को बिना उत्तर दिए छोड़ना पड़ता है. जिससे उन्हें अंक कम मिलते हैं. इसलिए प्रश्नों के अनुपात में समय को विभाजित कर प्रश्नों को हल करना चाहिए.  इससे परीक्षा में कोई प्रश्न छूटेगा नहीं और अधिक अंक प्राप्त कर पायेंगें. लेंअपनीपरीक्षा (मोकटेस्ट) अब समय कम रह गया है इस लिए हमें सप्ताह में कम से कम एक दिन माडल प्रश्नों को लेकर अपना टेस्ट लेना चाहिए. उसके उपरांत अपना मूल्यांकन कारन चाहिए. रहेंतनावमुक्त जैसे जैसे परीक्षा नजदीक आती है वैसे वसे कुछ छात्र/ छात्राओं में तनाव देखने को मिलता है. जो कि परीक्षा के लाभदायक नहीं होता. मनो चिकित्सक का कहना है कि परीक्षा के समय छात्रों को तनाव मुक्त रहना बहुत जरूरी है. इस लिए छात्रों को चाहिए कि वे अपनी पढाई हँसते खेलते हुए करें तथा एग्जाम भी इसी तरह दें.  माता-पिता को भी चाहिए कि बच्चे को तनाव मुक्त रहने दें. उनपर किसी प्रकार का दबाव ने डालें. स्वतंत्र होकर पढने दें. शेड्यूल  बनाकरकरेंपढाई एक्सपर्ट का मानना है कि छात्रों को एक शेड्यूल बनाकर पढाई करनी चाहिए. इससे कोई विषय अछूता नहीं रह जाता और पाठ्क्रम का सही रिवीजन भी हो जाता है. स्ट्रेटजीबनाएऔरफॉलोकरें परीक्षा के लिए स्ट्रेटजी बहुत ही लाभदायक और उपयोगी होती है. एक्सपर्ट कहते है कि प्रत्येक छात्र/छात्राओं को पाठ्यक्रम को ध्यान रखते हुए एक सुविचारित स्ट्रेटजी बनानी चाहिए. इस स्ट्रेटजी में कम से कम 10 वर्षों के प्रश्नपत्रों को अवश्य शामिल करनी चाहिए. इसके अलावा उन चैप्टर पर विशेष ध्यान देना चाहिए जिनसे अधिक अंकों के प्रश्न परीक्षा में पूँछे जाते हों. अच्छी स्ट्रेटजी बनाने के साथ ही उसे पूरी मुस्तैदी के साथ फॉलो भी करना चाहिए. अगर हम परीक्षा के समय इन बातों को ध्यान में रखते हैं तो हम निश्चित रूप से अधिक अंक प्राप्त करेंगें. इसके साथ ही छात्र/छात्राओं को भी ध्यान में रखना चाहिए कि परीक्षाएं ही जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं हैं. विदित हो कि गत वर्ष 10वीं की परीक्षा 7 मार्च से 29 मार्च 2019 तक आयोजित हुई थीं.  जबकि 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 2 मार्च से 2 अप्रैल 2019 तक आयोजित हुई थी.

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