Bihar Teacher Transfer: बिहार सरकार ने राज्य के लाखों शिक्षकों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने का फैसला किया है. अब सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का तबादला पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के जारी होगा. नई व्यवस्था के तहत ट्रांसफर प्रक्रिया को पारदर्शी नियम आधारित और शिक्षकों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संचालित किया जाएगा. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई. यह नियम प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों के नियमित शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर लागू होंगे. 

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ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगा पूरा ट्रांसफर 

नई नियमावली लागू होने के बाद शिक्षक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे. आवेदन से लेकर विद्यालय चयन समिति की अनुशंसा, संस्थान आदेश और अपील तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी. सरकार का कहना है कि इससे ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक भाग दौड़ खत्म होगी, हालांकि केवल आवेदन करने से ट्रांसफर नहीं होगा. शिक्षा विभाग खाली पदों, शिक्षक-छात्र अनुपात, विषयवार जरूरत और विद्यार्थियों की शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगा. 

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5 साल की सेवा के बाद होगा सामान्य ट्रांसफर 

नई नीति के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में किसी शिक्षक का ट्रांसफर 5 साल की सेवा पूरी होने के बाद ही किया जाएगा. इच्छुक शिक्षक हर साल मार्च में ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और विभाग जून तक ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास करेगा. अगर किसी एक स्कूल के लिए कई शिक्षक आवेदन करते हैं तो चयन अंक आधारित प्रणाली से किया जाएगा. सेवा अवधि, कठिन क्षेत्र में कार्य का एक्सपीरियंस और विशेष परिस्थितियों के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी. 

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इन मामलों को मिलेगी सबसे ज्यादा प्राथमिकता 

नई ट्रांसफर पॉलिसी में मानवीय आधारों को विशेष महत्व दिया गया है. गंभीर बीमारी, दिव्यांग, पति-पत्नी की अलग-अलग जगह पोस्टिंग, पारिवारिक परिस्थितियों और दूसरी व्यक्तिगत समस्याओं वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी. वहीं स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए विभाग ने प्राथमिकता का क्रम भी तय किया है. इनमें गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक, पति-पत्नी के आधार पर स्थानांतरण, विधवा या सिंगल पेरेंट्स महिला शिक्षक, म्यूचुअल ट्रांसफर समायोजन और उसके बाद सामान्य ट्रांसफर शामिल है. 

महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग नियम 

नई नियमावली में महिलाओं और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं. महिला शिक्षकों को उनके गृह पंचायत के बजाय उसी प्रखंड की नजदीकी पंचायत में स्थानांतरण का दूसरा ऑप्शन मिलेगा. वहीं पुरुष शिक्षकों को अपने गृह प्रखंड के बजाय उसी जिले के किसी नजदीकी दूसरे प्रखंड में पोस्टिंग दी जा सकेगी. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सामान्य स्थिति में किसी भी शिक्षक की पोस्टिंग उसके गृह पंचायत या गृह वार्ड में नहीं की जाएगी, हालांकि गंभीर बीमारी या दिव्यांग जैसी दिक्कतों में इस नियम में छूट दी जा सकती है.

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