दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में गिने जाने वाला भारत आज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां उसकी नजरें भविष्य पर टिकी हैं. बीते वर्षों में देश ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन इसके बावजूद भारत 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. इसी सोच और सपने को मंच देने के लिए एबीपी नेटवर्क ने एक खास पहल की है. इंडिया 2047 यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है. जहां देश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोग अपने विचार और अनुभव साझा कर रहे हैं.

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इंडिया 2047 यूथ कॉन्क्लेव का मकसद युवाओं को देश के भविष्य से जोड़ना है. इस मंच पर राजनीति, फिल्म, बिजनेस, शिक्षा और समाज से जुड़े जाने-माने चेहरे अपनी बात रख रहे हैं. यहां चर्चा सिर्फ समस्याओं पर नहीं, बल्कि उनके समाधान और नई सोच पर भी हो रही है. कार्यक्रम में यह संदेश दिया जा रहा है कि आने वाले भारत की नींव आज के युवाओं के हाथों में है.

शिक्षा को आसान बनाने की अनोखी पहल

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इसी कॉन्क्लेव में द कलकत्ता पब्लिशर्स के प्रिंसिपल पार्टनर देबंजन मंडल ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने नए प्रयास के बारे में बताया. उन्होंने हाल ही में एक खास मोबाइल ऐप तैयार किया है, जिसका नाम है EVE यानी एजुकेशनल वीडियो फॉर एवरीवन. इस ऐप का मकसद बच्चों को मुश्किल विषयों को आसान भाषा और सरल तरीके से समझाना है.

अपनी कमजोरियों से मिली नई सोच

देबंजन मंडल ने मंच से अपनी कहानी साझा करते हुए कहा कि वे स्कूल के समय बहुत ज्यादा अच्छे छात्र नहीं थे. कुछ अलग और बेहतर करने की चाह ने उन्हें शिक्षा को रोचक बनाने के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने महसूस किया कि अगर पढ़ाई का तरीका बदला जाए, तो बच्चे आसानी से सीख सकते हैं.

लॉकडाउन में दिखी असली जरूरत

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान जब स्कूल बंद हुए, तब ऑफलाइन पढ़ाई पूरी तरह रुक गई. इस समय खासकर बंगाल माध्यम के छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. ऑनलाइन संसाधन बहुत कम थे और जो थे, वे भी आसान नहीं थे. इसी दौर में देबंजन मंडल और उनके भाई ने फ्री शिक्षा सेवा शुरू करने का फैसला किया. देबंजन मंडल का सपना है कि बंगाल माध्यम से पढ़ने वाले छात्र भी देश के बड़े और नामी स्कूलों के छात्रों के साथ एक ही मंच पर खड़े हो सकें.

हर टॉपिक पर आसान वीडियो

देबंजन मंडल ने बताया कि इस ऐप में लगभग हर विषय के लिए वीडियो मौजूद हैं. हर चैप्टर को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर समझाया गया है, ताकि बच्चे बिना घबराए सीख सकें. कांसेप्ट को आसान उदाहरणों के जरिए बताया जाता है, जिससे छात्र जल्दी समझ पाते हैं और पढ़ाई में रुचि भी बनी रहती है.

पूरी तरह फ्री, सिर्फ सीखने के लिए

EVE प्लेटफॉर्म पूरी तरह फ्री है. इसके पीछे कोई मुनाफा कमाने का मकसद नहीं है. देबंजन मंडल का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ युवाओं को प्रेरित करना और उन्हें बेहतर सीखने का मौका देना है. इस काम में उनका पूरा परिवार उनके साथ खड़ा है और मिलकर इस मिशन को आगे बढ़ा रहा है.

नई तकनीक से जुड़ा अगला कदम

हाल ही में देबंजन मंडल ने एक और ऐप क्रैकर लॉन्च किया है. यह ऐप छात्रों को अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी में मदद करता है. इसमें छात्र कई एग्जाम के लिए प्रैक्टिस कर सकते हैं. खास बात यह है कि यह ऐप AI तकनीक पर आधारित है, जो छात्रों की जरूरत के हिसाब से सवाल और अभ्यास देता है.

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