महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितेश राणे ने सिंधुदुर्ग में स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (उबाठा) उम्मीदवार के लिए प्रचार करने का दावा किया. उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को घेरते हुआ कहा कि इस घटना से शिंदे के उस दावे पर संदेह पैदा होता है जिसमें उन्होंने 'अन्याय' के कारण तत्कालीन महाविकास आघाडी (MVA) सरकार के खिलाफ बगावत की थी.

नितेश राणे ने शनिवार शाम को सिंधुदुर्ग जिले में पत्रकारों से बातचीत में सवाल किया, "एकनाथ शिंदे ने दावा किया था कि उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय देखा था, इसलिए उन्होंने बगावत की. अगर उन्होंने तब बगावत की थी, तो अब उनकी पार्टी के कार्यकर्ता कणकवली नगर परिषद चुनाव में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के संदेश पारकर के लिए प्रचार क्यों कर रहे हैं."

शिंदे के बगावत का अब कोई मतलब बचा है?- नितेश राणे

भाजपा नेता ने कहा कि न केवल सिंधुदुर्ग, बल्कि पूरा महाराष्ट्र शिंदे से पूछेगा कि क्या उनकी तथाकथित बगावत का अब कोई मतलब बचा है. स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के प्रचार के अंतिम दौर में शिंदे पर यह ताजा हमला सत्तारूढ़ ‘महायुति’ सहयोगियों भाजपा और शिवसेना के नेताओं के बीच जारी राजनीतिक खींचतान को दर्शाता है.

शिंदे ने जून 2022 में शिवसेना में विभाजन कराया था, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी सरकार गिर गई थी, जिसके बाद उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन करके मुख्यमंत्री पद संभाला था.