World Bank Report On GDP: भारत के लिए जीडीपी के मोर्चे पर विश्व बैंक की रिपोर्ट बड़ी राहत देने वाली है. मंगलवार को वर्ल्ड बैंक ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए भारत का इकोनॉमिक ग्रोथ रेट 6.3 प्रतिशत बने रहने का अनुमान लगाया है. यानी दुनिया में भारत सबसे तेजी के साथ आगे बढ़ती इकोनॉमी बना रहेगा. इसके पहले भारत के इकोनॉमिक ग्रोथ को वर्ल्ड बैंक ने 6.3 प्रतिशत कर दिया था. हालांकि, उससे पहले उसने अनुमान में 6.7 प्रतिशत कहा था.
चीन-पाक को लगेगी मिर्ची
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ल्ड बैंक ने व्यापार युद्ध का हवाला देते हुए इस साल के लिए वैश्विक आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाया है. साथ ही, चीन का निर्यात मई में 4.8 प्रतिशत यानी उम्मीद से कम की दर से बढ़ा. इसकी वजह ये रही है कि एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में अमेरिका को निर्यात में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आई है.
वर्ल्ड बैंक की वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट में ये अनुमान लगाया है कि फाइनेंशिल ईयर 2025-26 के दौरान भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली प्रमुख इकोकॉमी बना रहेगा. वर्ल्ड बैंक का मानना है कि चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ साल 2025 में साढ़े चार और अगले चार साल में चार प्रतिशत की दर से आगे बढ़ेगा.
2008 के बाद सबसे कम रफ्तार
वर्ल्ड बैंक की वैश्विक आर्थिक संभावना की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेड टेंशन और नीतिगत अनिश्चितताओं की वजह से इस साल दुनियाभर में इकोनॉमिक ग्रोथ में गिरावट की संभावना है. ये रफ्तार 2008 में आयी मंदी के बाद सबसे कम रफ्तार होगा.
इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत में साल 2024-45 के दौरान ग्रोथ की रफ्तार धीमी हो गई है. ये औद्योगिक उत्पादन में आंशिक तौर पर नरमी को जाहिर करती है. वैसे मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में ग्रोथ स्थिर रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग की वजह से एग्रीकल्चर प्रोडक्शन में सुधार संभव हुआ है.