Petrol News: ईरान और यूएक के बीच चल रहे युद्ध का असर देशभर में देखने को मिल रहा है. जिसके चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. जिसके कारण अन्य देशों में महंगाई बढ़ती जा रही है. खासतौर से भारत में हाल ही में पांच दिन में ही पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ गए हैं. ऐसे में अब सरकार की तरफ से भी इसको लेकर तोड़ निकाले जा रहे हैं.

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दरअसल भारत समेत कई देशों में अब पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने पर तेजी से काम हो रहा है. जैसे ही एथेनॉल मिलाने की बात सामने आई वैसे ही E22, E27 और E30 जैसे शब्द काफी लाइम लाइट में आ गए. आइये बताते हैं ये तीनों शब्द क्या है और इनके क्या मायने हैं.

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क्या है ई22, ई27 और ई30दरअसल ये तीनों शब्द पेट्रोल में मिलाए जाने वाले एथेनॉल की मात्रा को दिखाते हैं.

  • ई22 का मतलब है पेट्रोल में 22% एथेनॉल और 78% साधारण पेट्रोल है.
  • ई27 का मतलब है पेट्रोल में 27%  एथेनॉल और 73% साधारण पेट्रोल है.
  • ई30 का मतलब है पेट्रोल में 30% एथेनॉल और 70% साधारण पेट्रोल है.

क्या है एथेनॉल?एथेनॉल एक बायोफ्यूल है, जिसे गन्ने, मक्का और कृषि उत्पादों से बनाया जाता है. इसका उत्पादन भारत में ही किया जाता है, ऐसे में यदि इसकी मात्रा पेट्रोल में ज्यादा मिलाई जाएगी तो कच्चे तेल की खपत कम लगेगी.

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एथेनॉल मिलाने के फायदेसरकार अब इस बात पर विचार कर रही है कि पेट्रोल में 30 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाए, जिससे भारत की कच्चे तेल पर डिपेंडेंसी कम हो सके. इसके कई फायदे भी हो सकते हैं, जैसे: एथेनॉल को पेट्रोल में मिलाने से प्रदूषण कम होगा. एथेनॉल मिले हुए ईंधन से कार्बन उत्सर्जन कम होता है और किसानों को भी फायदा मिलता है, क्योंकि एथेनॉल उत्पादन में कृषि फसलों का उपयोग होता है. इसके अलावा एथेनॉल की ऑक्टेन वैल्यू ज्यादा होती है, जिससे इंजन की परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती है. दूसरी ओर, इसकी ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से कम होती है, इसलिए कुछ मामलों में माइलेज थोड़ा घट सकता है.