Gold vs Dollar: फरवरी से शुरू हुआ ईरान और यूएस के बीच का युद्ध भले ही अब खत्म हो गया हो, लेकिन इसने कुछ ही महीनों में कई देशों में काफी बुरे दिन दिखा दिए. इसके चलते भारत ने भी तेल- गैस की किल्लतें देखने के साथ ही रुपया को कमजोर भी होते दिखाया. जहां एक तरफ रुपया कमजोर हुआ तो वहीं दूसरी तरफ डॉलर मजबूत हो रहा था, ऐसे में लोगों की चिंता काफी बढ़ गई क्योंकि इससे देश में मंहगाई ने भी दस्तक दी. वहीं अब भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना ना करना पड़े इसके लिए भी सरकारी की तरफ से प्लानिंग की जा रही है.

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देश में बढ़ेगा सोने का भंडारदरअसल वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की मंगलवार को एक सर्वे रिपोर्ट जारी हुई है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया के केंद्रीय बैंक अगले 5 साल में अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ा सकते हैं. सोने का भंडार जमा करने के साथ डॉलर को रिजर्व करने की हिस्सेदारी कम होगी. WGC के सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व सर्वे में बताया गया है कि 84% केंद्रीय बैंकों का यही मानना है. ऐसा केवल भारत का RBI ही नहीं बल्कि अन्य 72 देशों के सेंट्रल बैंक भी करने वाले हैं.

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इस प्लान से कमजोर होगा डॉलर?WGC की रिपोर्ट के अनुसार गोल्ड का रिजर्व बढ़ेगा तो डॉलर के रिजर्व में थोड़ी कमी देखने को मिलेगी. इस सर्वे के दौरान जब कई केंद्रीय बैंकों से इस बारे में बात की गई तो उनमें से 74% केंद्रीय बैंकों का कहना था कि आगामी 5 सालों में डॉलर के रिजर्व में कमी आएगी. तो वहीं 15% का कहना था कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा. तो वहीं 11% ने कहा कि डॉलर की हिस्सेदारी रिजर्व में बढ़ेगी. 

RBI के पास है कितना सोना?बता दें कि ताजा आंकड़ों के मुताबिक, RBI के पास फिलहाल 880.52 मीट्रिक टन सोना है. जून 2026 में RBI ने खुल बताया था कि उसने अपने सोने के भंडार में कोई कमी नहीं की है और उसका भौतिक सोना 880.52 टन पर ही बना हुआ है. भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड रिजर्व में से एक देश है. भारत पिछले कुछ समय से विदेशी मुद्रा भंडार में भी सोने को रिजर्व कर रख रहा था. तो वहीं WGC की रिपोर्ट सही साबित होती है तो आने वाले समय में सोने के भंडार में और बढ़ोतरी होगी.

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