Venezuela Currency: वेनेजुएला पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की खबरें अखबारों की सुर्खियां बटोर रही है. अमेरिका ने बेहद गोपनीय तरीके से वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया.

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जिसके बाद से देश में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है. इसके बावजूद भी देश महंगाई, बेरोजगारी, भूखमरी और पलायन जैसी समस्या से जूझ रहा हैं. वेनेजुएला की करेंसी बोलिवर भी बहुत कमजोर है. आइए जानते हैं, वेनेजुएला की करेंसी के बारे में...

नोट छापने से बिगड़ी अर्थव्यवस्था

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वेनेजुएला की सरकार का खर्च पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर नोट छापने का फैसला देश की अर्थव्यवस्था के लिए भारी पड़ गया. इसका सीधा असर देश की मुद्रा बोलिवर पर पड़ा. इसकी कीमत लगातार गिरती गई. लोगों को वेतन बोलिवर में मिलता रहा, लेकिन बाजार में ज्यादातर चीजों के दाम डॉलर के हिसाब से तय होने लगे. जिससे आम लोगों की सामान खरीदने की ताकत तेजी से कमजोर होती गई.

हालात इतने बिगड़ गए कि 2018 में महंगाई दर करीब 10,00,000 फीसदी तक पहुंच गई. लोगों को थैले भरकर नोट ले जाने पड़ते थे, फिर भी जरूरी सामान पूरा नहीं होता था. सालों की जमा पूंजी बेकार हो गई और महीने की सैलरी कुछ घंटों में खत्म हो जाती थी. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, एक समय 75 प्रतिशत से ज्यादा आबादी को खाने तक की दिक्कत हुई. जिसके चलते 70 लाख से अधिक लोगों ने देश से पलायन किया.

भारत के रुपये की वेनेजुएला में कीमत

भारतीय रुपये की बात करें तो, वेनेजुएला की मुद्रा बोलिवर के मुकाबले रुपया मजबूत नजर आता है. 2025 के आंकड़ों के अनुसार, 1 भारतीय रुपया करीब 3.22 वेनेजुएला बोलिवर के बराबर है.

इस हिसाब से भारत के 10,000 रुपये वहां बदलवाने पर लगभग 32,000 से 32,500 बोलिवर मिल सकते हैं. आंकड़ों में यह रकम बड़ी दिखती है, लेकिन वेनेजुएला में बहुत ज्यादा महंगाई होने के कारण इन रुपयों में ज्यादा खरीदारी नहीं की जा सकती है.  

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