UPI Payment: आज के इस डिजिटल समय में हर कोई UPI पेमेंट करना पसंद करता है. इसके आने के बाद से कैश लेकर घूमने का झंझट काफी हद तक खत्म हो गया है. हम दिनभर में कई छोटे-बड़े ट्रांजेक्शन करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है जिस बैंक अकाउंट में आपकी पूरी कमाई और साथ ही सेविंग्स हैं, उसी को हर जगह UPI लिंक करना सही है या नहीं? इस बात पर एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि UPI पेमेंट्स के लिए एक अलग बैंक अकाउंट होना जरूरी और समझदारी भरा कदम है.

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UPI के लिए रखें अलग अकाउंट

UPI के लिए अलग अकाउंट रखने का सबसे बड़ा फायदा सुरक्षा है. क्योंकि जब आप अपना मेन अकाउंट हर ऐप और QR कोड से लिंक करते हैं तो स्कैम होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. अगर कभी आपका UPI पिन लीक हो जाए या फिर आप किसी फिशिंग स्कैम का शिकार हो जाएं तो पूरा बैंक बैलेंस खाली हो सकता है. इसलिए सुरक्षा रखना ही एकमात्र समझदारी है. वहीं अगर आप एक सेकेंडरी अकाउंट रखते हैं और उसमें सीमित पैसा रखते हैं तो नुकसान भी सीमित ही रहेगा.

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बजट और बैंक स्टेटमेंट रहेगा क्लियर

अगर आप हर ट्रांजेक्शन मेन पेमेंट अकाउंट से करते हैं तो बैंक स्टेटमेंट में कई छोटे ट्रांजेक्शन भर जाते हैं, जिसके कारण खर्च ट्रैक करना और टैक्स फाइलिंग के टाइम स्टेटमेंट समझना मुश्किल हो जाता है. अलग UPI अकाउंट रखने से आप महीने की शुरुआत में एक तय रकम ट्रांसफर कर सकते हैं. इससे आपको साफ पता रहेगा कि आपने कितना खर्च किया और कहां किया. 

तकनीकी दिक्कतों से होगा बचाव

कई बार बैंक सर्वर डाउन होने की वजह से पेमेंट फेल हो जाता है. अगर आपके पास दो अलग-अलग बैंक अकाउंट है तो आप दूसरे अकाउंट की मदद ले सकते हैं और बड़ी ही आसानी से पेमेंट कर सकते हैं और साथ ही आप इसके लिए किसी छोटे प्राइवेट बैंक या फिर डिजिटल बैंक का उपयोग कर सकते हैं.

कैसे करें शुरुआत?

  • UPI के लिए दूसरा अकाउंट खोलना काफी आसान है.
  • आप किसी भी बैंक में Zero Balance Account खोल सकते हैं.
  • वहीं कई बैंक Video KYC के जरिए भी घर बैठे अकाउंट खोले की सुविधा देते हैं.