UPI Payment: डिजिटल पेमेंट आने के बाद लोगों के कई काम आसान हो गए हैं. एक तो अब पहले की तरह कैश लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ती है, क्योंकि अब हर कोई UPI पेमेंट का इस्तेमाल करता है. अगर आप भी UPI पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. आने वाले दिनों में UPI से पेमेंट करने वाले को बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
क्या बदलाव होने वाला है?
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार 2 हजार या उससे ज्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR दोबारा लागू करने पर विचार कर रही है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये किन लोगों पर लागू होगा?
किन लोगों पर होगा लागू?
बता दें कि जिन व्यापारियों या कारोबारियों का सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ तक है तो ऐसे लोगों को इस चार्ज से राहत मिल सकती है. यानी इसका असर बड़े व्यापारियों पर ही पड़ेगा. इस प्रस्ताव पर सरकार 1 महीने के अंदर फैसला ले सकती है.
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क्या होता है MDR?
अगर बात करें MDR की तो ये वह फीस होती है, जो डिजिटल पेमेंट लेने पर व्यापारी पेमेंट कंपनी या बैंक को देते हैं. इससे डिजिटल पेमेंट सिस्टम को चलाने और बनाए रखने का खर्च पूरा करने में मदद मिलती है.
कितने प्रतिशत MDR लगाने की है तैयारी?
जानकारी के मुताबिक, बड़े कारोबारियों के यहां 2 हजार या उससे ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.5 प्रतिशत MDR लगाया जा सकता है.
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आम UPI यूजर्स पर भी पड़ेगा असर या नहीं?
ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल आना स्वाभाविक है कि ये चार्ज ग्राहकों पर लगेगा? तो इसका जवाब है नहीं, ये चार्ज ग्राहकों पर नहीं, बल्कि तय नियमों के आधार पर व्यापारियों पर लागू होगा. फिलहाल 2 हजार से ऊपर के सामान्य UPI पेमेंट पर आम ग्राहकों को कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना है. मतलब जैसे पहले लोगों के लिए पैसे भेजने पर कोई चार्ज नहीं लगता था, अभी भी वैसे ही पैसे भेजना बिल्कुल फ्री रहेगा.
