UDAN 2.0: देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. ‘उड़ान 2.0’ (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के लिए 28,840 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. इस योजना के तहत नए एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा, साथ ही एयरलाइंस को वित्तीय सहायता और छोटे एयरोड्रोम्स के संचालन के लिए सहयोग भी दिया जाएगा.

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उड़ान 2.0 को कैबिनेट की मंजूरी

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना के तहत 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे. ये एयरपोर्ट मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों (एयरस्ट्रिप) को विकसित करके तैयार किए जाएंगे. प्रत्येक एयरपोर्ट पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी. अगले 8 वर्षों में इन हवाई अड्डों के विकास पर कुल 12,159 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

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इसके अलावा, योजना के तहत 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए अगले आठ वर्षों में 3,661 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, एयरलाइन कंपनियों को परियोजनाओं को व्यावहारिक बनाने के लिए 10 वर्षों में वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के रूप में 10,043 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी.

2016 में शुरू हुई योजना

गौरतलब है कि ‘उड़ान’ योजना की शुरुआत अक्टूबर 2016 में की गई थी, जिसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना और आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ और किफायती बनाना है. सरकार का कहना है कि ‘उड़ान 2.0’ योजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करना, दुर्गम और दूरदराज के इलाकों तक पहुंच बढ़ाना तथा छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर संतुलित आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है.

हेलीपैड के निर्माण के लिए 3,661 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, ‘उड़ान 2.0’ योजना के तहत घरेलू स्तर पर उड्डयन क्षेत्र की उत्पादन क्षमता को मजबूत करने के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया है.

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