Trump Tariffs: पिछले हफ्ते Supreme Court of the United States द्वारा ट्रंप टैरिफ पर रोक लगाए जाने से कारोबारियों को राहत मिली थी. लेकिन उसके तुरंत बाद राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले 10 प्रतिशत और फिर उसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया. अब संकेत मिल रहे हैं कि टैरिफ का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होगा. राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर नई जांच ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन बैटरी, इलेक्ट्रिक ग्रिड उपकरण, टेलीकॉम इक्विपमेंट, इंडस्ट्रियल केमिकल्स, प्लास्टिक, प्लास्टिक पाइप और कास्ट आयरन जैसे सेक्टर्स पर आयात के प्रभाव की जांच कर रहा है.

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टैरिफ का गेम अभी बाकी?

यह प्रस्तावित जांच Trade Expansion Act of 1962 के सेक्शन 232 के तहत की जाएगी. यह प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर नए टैरिफ लगाने की अनुमति देता है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नए ग्लोबल टैरिफ की घोषणा की गई है. अधिकारियों के अनुसार, 10 प्रतिशत का टैरिफ मंगलवार सुबह से लागू होगा, हालांकि ट्रंप इसे 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की बात कह चुके हैं.

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पांच महीने के लिए नई दरें

ग्लोबल टैरिफ की नई दरें अगले पांच महीनों के लिए लागू की गई हैं. इस दौरान ट्रंप प्रशासन एक वैकल्पिक आयात कर (इम्पोर्ट टैक्स) के विकल्प पर भी काम कर रहा है, ताकि कोर्ट द्वारा खारिज टैरिफ की भरपाई की जा सके. ट्रंप की चेतावनी सोमवार को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जो देश सुप्रीम कोर्ट के फैसले का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे, उन पर भारी टैरिफ लगाया जा सकता है.

ट्रंप की नई धमकी

सुप्रीम कोर्ट द्वारा इमरजेंसी पावर के इस्तेमाल पर सीमाएं तय किए जाने के बाद प्रशासन अन्य कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रहा है, ताकि व्यापारिक रणनीति और समझौतों को बरकरार रखा जा सके. यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया दूसरी ओर, European Union ने वाशिंगटन के साथ संभावित ट्रेड एग्रीमेंट को फिलहाल रोक दिया है.

यूरोपीय सांसदों ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिकी प्रशासन की टैरिफ नीति पर विस्तृत स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही आगे बढ़ेंगे. यानी, वैश्विक व्यापार माहौल में अनिश्चितता बनी हुई है और आने वाले दिनों में टैरिफ को लेकर और बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं.

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