NSDL CDSL Transfer Rule: डीमैट अकाउंट शेयरों, बॉन्ड्स और दूसरी सुरक्षा को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने के लिए एक बेहतर उपाय है, जिसका इस्तेमाल लोग सुरक्षा के लिए करते हैं. आमतौर पर निवेशक शेयर ट्रांसफर के दौरान ज़्यादा नहीं सोचते. हो सकता है कि आप कम चार्ज की वजह से एक ब्रोकर से दूसरे ब्रोकर के पास जा रहे हों.

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अगर आपने नया डीमैट अकाउंट खोला है और आप अपने सभी इन्वेस्टमेंट एक ही जगह रखना चाहते हों, या फिर आप अपने जीवनसाथी, बच्चों या परिवार के किसी दूसरे सदस्य को शेयर उपहार देना चाहते हों. इसके लिए अब आसानी से शेयर ट्रांसफर किए जा सकते हैं.

ब्रोकर बदलने पर शेयर ट्रांसफर आसान 

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ब्रोकर बदलने पर शेयर ट्रांसफर का तरीका आसान है. उदहारण के तौर पर, आपका डीमैट अकाउंट किसी एक ब्रोकर के पास है और आप किसी दूसरे ब्रोकर के पास जाने का फ़ैसला करते हैं. ऐसी स्थिति में आप एक डीमैट अकाउंट से दूसरे अकाउंट में शेयर ट्रांसफर कर रहे हैं, जो आपका ही है. आजकल सबसे आसान तरीका NSDL और CDSL की ऑनलाइन ट्रांसफर सुविधाएं हैं. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका अकाउंट किस डिपॉजिटरी से जुड़ा है. कई ब्रोकर होल्डिंग्स ट्रांसफर करने के लिए इन-ऐप या ऑनलाइन का सहारा लेते हैं.

 
लेन-देन का हिसाब होना जरूरी 

इस स्थिति में जब आप ब्रोकर बदल रहे हों या शेयर गिफ्ट कर रहे हों तो ट्रांसफर रिक्वेस्ट जैसी जानकारी और किसी भी बातचीत की कॉपी अपने पास रखें. ज़्यादातर ट्रांसफर आसानी से हो जाते हैं. हालांकि अगर बाद में मालिकाना हक, खरीदने की लागत या ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री को लेकर कोई सवाल उठता है तो सही रिकॉर्ड होने से मुश्किलों से बचा जा सकता है.

शेयर ट्रांसफर कोई बड़ा 'रॉकिट साइंस' नहीं

बहुत से लोग सोचते हैं कि डीमैट अकाउंट के बीच शेयर ट्रांसफर करने में बहुत ज़्यादा कागज़ी कार्रवाई और कई दफ्तरों में जाने की जरूरत पड़ेगी, लेकिन अब इसके उल्ट है. आज ज़्यादातर प्रोसेस इलेक्ट्रॉनिक यानी ऑनलाइन हो गया है और कई ब्रोकर निवेशकों को ऑनलाइन ट्रांसफर शुरू करने की सुविधा देते हैं. बेहतर है कि आप ट्रांसफर करने से पहले यह पक्का करें कि अकाउंट की जानकारी सही है और ट्रांसफर करने के दौरान कोई फीस या टैक्स तो नहीं देना पड़ रहा.