Income Tax Return: अगर आपकी सैलरी से हर महीने टीडीएस (Tax Deducted at Source) कटता है, तो यह जरूरी नहीं कि वह पूरा टैक्स सरकार के पास ही रह जाए. कई बार कंपनी अनुमानित आय के आधार पर जरूरत से ज्यादा TDS काट लेती है. हालांकि, अगर आपकी टैक्स देनदारी कम है या बिल्कुल भी बनती नहीं है, तो ऐसे समय में आपको घबराने की जरूरत नहीं है.

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आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करके अपना TDS रिफंड वपास हासिल कर सकते हैं. TDS का पैसा अपने आप खाते में नहीं आता है, बल्कि इसके लिए आपको कुछ जरूरी प्रोसेस पूरी करनी होती हैं. चलिए जानते हैं कि TDS रिफंड क्लेम करने का पूरा तरीका क्या है. 

रिफंड क्लेम से पहले करें ये जरूरी काम

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  • सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल से Form 26AS चेक करें. 
  • इसके बाद यह सुनिश्चित करें कि कटा हुआ TDS सरकार के पास जमा हो चुका है.
  • अपनी कंपनी से Form 16 लें, जिसमें सैलरी और TDS की पूरी जानकारी होती है.
  • दोनों डाक्यूमेंट्स को सही तरह मिलाने के बाद ही ITR दाखिल करें.

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रिफंड कब मिलेगा और कैसे चेक करें?

  • आप जिस बैंक खाते में रिफंड लेना चाहते हैं, उसे पहले प्री-वैलिडेट कर लें और PAN से लिंक रखें.
  • ITR ई-वेरिफाई होने के बाद 2 से 4 सप्ताह के भीतर रिफंड आपके बैंक खाते में भेज दिए जाएंगे.
  • आप रिफंड का स्टेटस इनकम टैक्स पोर्टल पर जा कर ऑनलाइन चेक कर सकते हैं.
  • अगर आपके बैंक खाते या डाक्यूमेंट्स में कोई गड़बड़ी है, तो ऐसे में आपके रिफंड में देरी हो सकती है.

ITR फाइल करना क्यों है जरूरी?

  • TDS का रिफंड पाने के लिए निर्धारित तारीख के भीतर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करना बेहद जरूरी है.
  • ITR भरते समय अपनी आय, टैक्स बचाने वाले निवेश और अन्य जरूरी जानकारी सही-सही दर्ज करें.
  • सिस्टम खुद-ब-खुद आपके टैक्स की गणना कर यह तय करता है कि आपका कितना रिफंड बनता है.
  • ITR दाखिल करने के बाद उसे ई-वेरिफाई करना न भूले, क्योंकि इसे करना जरूरी होता है.

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