ताइवान की ग्रोथ से चीन को लगेगी मिर्ची! $4 ट्रिलियन मार्केट कैप के साथ UK को पछाड़ा
Taiwan Stock Market: ताइवान का शेयर बाजार तेजी से बढ़ते हुए UK से आगे निकला, जहां इन्वेस्टर्स का भरोसा और AI सेक्टर की डिमांड ने बड़ा रोल निभाया. वहीं महंगाई और ऊंची ब्याज दरों से UK बाजार धीमा रहा.

- ईरान युद्ध तनाव कम होने से ताइवान शेयर बाजार में तेजी।
- ताइवान का बाजार मूल्य यूके को पीछे छोड़ सातवें पर।
- TSMC के AI सेक्टर में बढ़ते योगदान से बाजार को सहारा।
- विदेशी निवेश से ताइवान बाजार में मजबूती, यूके धीमा।
Taiwan Stock Market Hike: ईरान युद्ध को लेकर तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच ताइवान के शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली है. इन्वेस्टर्स का भरोसा फिर से लौटने के चलते ताइवान ने बाजार मूल्य के मामले में UK को भी पीछे छोड़ दिया है. ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार तक ताइवान का कुल मार्केट कैप लगभग $4.14 ट्रिलियन (लगभग ₹344 लाख करोड़ के आसपास) पहुंच गया, जिससे यह दुनिया का सातवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है.
वहीं अगर बात करें UK की तो UK का मार्केट कैप लगभग $4.09 ट्रिलियन (लगभग ₹339 लाख करोड़ के आसपास) रहा. इस बढ़त के पीछे Taiex Index की मजबूत रिकवरी रही है, जिसने युद्ध के दौरान हुए अपने सभी नुकसान की भरपाई कर ली और नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.
TSMC ने दिया सबसे बड़ा सहारा
बता दें कि ताइवान की दिग्गज कंपनी Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) का इसमें सबसे बड़ा योगदान रहा है, जिसका बाजार में 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा है. कंपनी को AI सेक्टर में बढ़ती मांग से फायदा मिला है और साथ ही इस साल उसकी बिक्री में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ताइवान को अब AI हार्डवेयर का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है. जब तक AI में इन्वेस्टमेंट जारी रहेगा, तब तक ताइवान के बाजार में तेजी बनी रह सकती है.
तेजी से बढ़ रहा इन्वेस्टमेंट
बात करें अप्रैल की तो अप्रैल में विदेशी इन्वेस्टर्स ने ताइवान के शेयर बाजार में लगभग $8.9 बिलियन (लगभग ₹740 करोड़) का इन्वेस्टमेंट किया है. इससे पहले मार्च में बड़ी निकासी हुई थी, लेकिन अब बाजार तेजी से रिकवर कर रहा है. इस महीने की बात करें तो Taiex Index में लगभग 16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है.
UK बाजार क्यों पीछे?
अगर बात करें UK की तो UK का FTSE 100 Index इस महीने 4 प्रतिशत से भी कम बढ़ पाया है. इसकी धीमी रफ्तार की वजह महंगाई और ऊंची ब्याज दरों को लेकर चिंता है. साथ ही इन्वेस्टर्स की घरेलू भागीदारी भी कम होती दिख रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, UK के शेयर बाजार में अब लगभग 68 प्रतिशत हिस्सेदारी विदेशी इन्वेस्टर्स की हो चुकी है, जो पहले काफी कम थी.
इससे बाजार की स्थिरता पर असर पड़ रहा है. हालांकि चुनौतियों के बावजूद UK का बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं है. ऊर्जा और कमोडिटी सेक्टर की वजह से इसमें इन्वेस्टमेंट के मौके बने हुए हैं. कई एक्सपर्ट्स इसे मौजूदा हालात में एक सुरक्षित इन्वेस्टमेंट का ऑप्शन भी मानते हैं.
Source: IOCL

























