नई दिल्लीः हर 100 में से 90 हीरे तराशने वाला सूरत का हीरा उद्योग इस वक्त बुरे दौर से गुजर रहा है. सालाना 1 लाख 56 हजार करोड़ रुपये का व्यापार करने वाला हीरा उद्योग अब सिमटकर 1 लाख 37 हजार करोड़ रुपये पर आ चुका है, यानी मंदी के दौर में 19 हजार करोड़ की कटौती हुई है. आलम ये है कि दीवाली के छुट्टी के बाद 40 फीसदी छोटे यूनिट बंद होने पर रत्न कलाकारों की रोजी-रोटी का सवाल उठ खड़ा हुआ है. वही दूसरी और जो हीरे कारखाने शुरू हैं उनमें भी सैलरी की कटौती की जा रही है. ऐसे में कई दुकानदार, हीरा व्यापारी और कारीगरों की मुसीबतें बढ़ गई हैं. कई कारीगर खा रहे हैं दर-दर की ठोकरें हसमुख भाई धामेलिया जिनको नौकरी से निकालने पर वे रत्न कलाकर संघ के ऑफिस पर अपनी फरियाद लेकर पहुंचे और न्याय की मांग कर रहे हैं. पिछले 35 सालों से हीरे को चमक देने वाले हसमुख भाई आज बेरोजगार होने पर दर दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हो गए हैं. दीवाली के बाद मुहूर्त में डायमंड कंपनी के संचालकों ने उन्हें बुलाकर कह दिया कि अब कंपनी को आपकी जरुरत नहीं है. रत्न कलाकारों की इस प्रकार की हालात देख अब सरकार से गुहार लगाई जा रही है कि इस मामले में सरकार दखल देकर रत्न कलाकारों के हित में कुछ कदम उठाए.
हीरे कारखाने के मालिकों का भी बुरा हाल रत्न कलाकारों के अलावा हीरों का जॉब वर्क करनेवाले हीरे कारखाने के मालिकों का भी यही हाल है. सूरत निवासी नीरव पटेल का खंभात के ग्रामीण इलाके में कच्चे हीरों को पॉलिश करने का कारखाना है. उनके कारखाने में 65 रत्न कलाकर काम करते थे लेकिन अब नीरव पटेल को जॉबवर्क का काम मिलना बंद हो चुका है जिसके कारण नीरव ने अपना हीरे का कारखाना बंद कर अन्य व्यवसाय में जाने के बारे में सोच लिया है. सूरत के हीरा उद्योग में 7000 के करीब छोटे यूनिट गुजरात के सूरत के हीरा उद्योग की बात की जाय तो यहां 200 से ज्यादा बड़े और 7000 के करीब छोटे यूनिट हैं. मंदी के कारण दिवाली के बाद तक़रीबन 40 प्रतिशत हीरे के यूनिट खुले ही नहीं जबकि जो यूनिट चालू हुए वे रफ हीरो की शॉर्टेज के कारण बंद हो गए. इसके कारण सूरत के छोटे बड़े दोनों यूनिट्स में रत्न कलाकारों की छंटनी की गई है. सूरत रत्नकलाकर संघ की माने तो दीवाली के बाद 28 रत्न कलाकारों को नौकरी से निकाला गया है जबकि 2018 के दौरान इनकी संख्या 745 तक पहुंच चुकी है. 50 साल में पहली बार दिखी ऐसी गिरावट सूरत में हीरे का कारोबार शुरू हुए करीब 50 साल से ज्यादा हुए हैं लेकिन हीरा उद्योग में ऐसी गिरावट नहीं दिखी. जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के गुजरात रीजन के चेरमेन दिनेश नावड़िया के मुताबिक इस समय विदेशी मांग काफी कम है. चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया, खाड़ी, यूरोप और अमरीका से तराशे गए हीरे की मांग बहुत कम है. इसकी वजह से हीरा उद्योग में तैयार माल का काफी भंडार जमा है.
कच्चे हीरे की आयात में 47 फीसदी गिरावट वही दूसरी और कच्चे हीरे की आयात में 47 फीसदी गिरावट हुई है. जीजेईपीसी के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच महीनों में रफ हीरों के आयात में गिरावट आई है, जिसमें जुलाई से अगस्त के बीच सबसे तेज गिरावट आई है. इसके अनुसार, रफ हीरो के आयात में गिरावट आई है. पिछले साल नवंबर, 2017 में 12,637.98 करोड़ रुपये के रफ हीरे आयत किये गए थे जो नवंबर 2018 में 6,676.72 करोड़ रुपये हो गया. वही दूसरी और साल 2016-17 में देश से 1,56,000 करोड़ रुपये के पॉलिश्ड डायमंड निर्यात किए गए थे, जबकि 2017-18 में ये निर्यात घटकर करीब 1,37,000 करोड़ रुपए का रहा है. यानी कि 19 हजार करोड़ की कटौती देखने को मिल रही है. कम खर्च करने की दी जा रही है हिदायत सूरत भारत की हीरा राजधानी कहा जाता है. हीरा उद्योग में छाई मंदी से इससे जुड़े हजारों लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई है. सूरत शहर हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग में दुनिया में अव्वल बन चुका है. दुनिया भर में पहने जाने वाले हर 100 हीरे में से 90 की कटिंग और पॉलिशिंग सूरत में होती है. हीरे की करीब 7000 छोटी यूनिट सूरत में है जबकि करीब ऐसी करीब 200 बड़ी यूनिट हैं, जो एक्सपोर्ट भी करती हैं. सूरत की डायमंड इंडस्ट्री में आज इस उद्योग के जरिए 10 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है. यहां का डायमंड दुनिया भर के देशों में निर्यात किया जाता है. लेकिन अब हीरा उद्योग के खस्ता हाल की वजह से रत्न कलाकारों को अपने लाइफ स्टाइल में बदलाव कर कम खर्च करने की हिदायत दी जा रही है. जीजेईपीसी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच महीनों में रफ हीरों के आयात में गिरावट आई है, जिसमें जुलाई से अगस्त के बीच सबसे तेज गिरावट आई है. तराशे गए हीरो की मांग में कमी और रत्न कलाकारों की छंटनी के साथ अब सूरत डायमंड हब में साल 2008 की मंदी के आसार नजर आ रहे हैं. सोने के दाम में तेजी, 35,500 रुपये पर पहुंचा, चांदी में भी उछाल शुरुआती गिरावट के बाद संभला बाजार-सेंसेक्स करीब 180 अंक ऊपर 35,649 पर बंद, निफ्टी 10,700 के पार नौ बैंक यूनियन के 10 लाख कर्मचारियों की हड़ताल, सर्विसेज पर पड़ेगा असर