नई दिल्ली: सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर पहले की तरह फिर से सब्सिडी देने की संभावना से इनकार किया है. हालांकि, सरकार का कहना है कि यदि इन वाहन ईंधनों के दाम काफी बढ़ जाते हैं और उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ने लगते हैं तो एक्साइज ड्यूटी में कटौती की जा सकती है.


पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज कहा, ‘‘पेट्रोल, डीजल में सब्सिडी की शुरुआत फिर से नहीं होगी.’’ उन्होंने कहा पेट्रोल के दाम जून 2010 में नियंत्रण मुक्त कर दिये गये. इसी प्रकार डीजल के दाम भी अक्तूबर 2014 में नियंत्रण मुक्त कर दिये गये. यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी.


अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बाद दिसंबर के बाद से अब तक पेट्रोल के दाम में 5.21 रुपये और डीजल के दाम में 4.45 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है.


अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने के बाद दिसंबर से पेट्रोल के दाम में कल रात चौथी बार वृद्धि की गई जबकि डीजल के दाम में तीसरी वृद्धि हुई है. पेट्रोल का दाम कल आधी रात से 0.42 पैसे और डीजल का दाम 1.03 रुपये लीटर बढ़ गया.


इस बढ़त के बाद दिल्ली में अब पेट्रोल का दाम 71.14 रुपये लीटर हो गया जबकि डीजल का दाम 59.02 रुपये पर पहुंच गया. धर्मेंद प्रधान ने कहा, ‘‘ईंधन मूल्यों में फिर से सब्सिडी व्यवस्था नहीं होगी. सब्सिडी गरीबों के खिलाफ हैं. सब्सिडी केवल जरूरतमंद को दी जानी चाहिये उन लोगों को नहीं जो इसे वहन कर सकते हैं.’’ उनका मानना है कि आटो ईंधन का इस्तेमाल ज्यादातर उन लोगों द्वारा किया जाता है जो कि इसे वहन कर सकते हैं.